हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की अदालत ने एक नाबालिगा के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में दोषी मनीष को 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने 3 दिन पहले उसे दोषी करार देते हुए आरोपी सुरेंद्र को बरी कर दिया था।
पुलिस ने इस संबंध में 12 फरवरी 2021 को मनीष और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। एक कस्बे के व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि मेरी नाबालिग बेटी सुबह 10 बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी।
उसे रास्ते में मनीष मिला। वह मेरी बेटी को बहला-फुसलाकर एक होटल में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की।
बाद में उसके पास एक अन्य युवक आया। मेरी बेटी ने शोर मचाया तो वे दोनों जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने इस संबंध में पॉक्सो एक्ट और विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। संवाद