हिसार। जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। सरसों 14 और गेहूं की फसल 27 मंडियाें में खरीदी जाएगी। गेहूं खरीद शुरू होने में केवल दो दिन का समय रह गया है। हिसार की मंडी में सुविधाओं का अभाव है। अनाज मंडी में आधी से अधिक स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं। मंडी में ठंडे व स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर कूलर नहीं हैं। सीएम के निर्देश के बाद भी मंडी में किसानों के लिए अटल कैंटीन शुरू नहीं हो सकी है। सरसों का उठान धीमी रफ्तार से हो रहा है। करीब 25 प्रतिशत सरसों का ही उठान हो सका है।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो जाएगी, जिसमें 10 अप्रैल से तेजी से आवक शुरू होने की उम्मीद है। इस बार मौसम में लंबे समय तक ठंडक रहने से चलते गेहूं की आवक में दो से तीन दिन देरी से हो सकती है। अगर खरीद से पहले मंडियों में आवक से पहले तैयारियों की बात करें तो अभी तक मंडियों में पूरे संसाधन नहीं हैं। इस बार जिले में 5 लाख एमटी गेहूं और एक लाख एमटी सरसों की आवक होने की संभावना है। हिसार जिले में सभी विभागों के पास केवल 4.50 लाख एमटी भंडारण की क्षमता है। ऐसे में सरकारी विभाग खुले आसमान के नीचे भंडारण की तैयारी में जुट गए हैं। खुले में भंडारण के लिए मुख्यालय से निर्देश मांगे गए हैं। दरअसल पिछले साल का गेहूं एफसीआई के गोदाम अब भी भरे हुए हैं। इस कारण भंडारण के लिए जगह कम पड़ रही है।
उठान के लिए 44 एजेंसियों के मिले आवेदन...
गेहूं व सरसों की उठान के लिए हैफेड व खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से नए टेंडर खोले गए हैं। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक हिसार की 27 मंडियों से गेहूं-सरसों उठान के लिए नए ठेकेदार नियुक्त किए गए हैं, जिसमें 44 एजेंसियों ने आवेदन किए हैं। 23 मंडियों के लिए टेंडर मिले हैं। इन आवेदनाें को मुख्यालय भेजा गया है। जल्द ही नए ठेकेदार उठान का काम शुरू करेंगे। 31 मार्च को समय खत्म होने पर मंडी में एक अप्रैल से उठान का काम नए ठेकेदार संभालेंगे।
खरीद केंद्रों व मंडियों के सभी धर्मकांटों की नापतौल विभाग से जांच कराई जाए। सभी मंडियों व खरीद केंद्रों पर नमी मापक यंत्र होना चाहिए। इस बारे में सभी मंडी सचिव को आदेश जारी किए जा चुके हैं। किसी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। मंडियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीजन के दौरान गेट पास, फसल की खरीद, तौल, लिफ्टिंग, भंडारण और परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखना होगा। अनीश यादव, डीसी, हिसार
भंडारण के लिए कहां कितनी क्षमता ...
हैफेड के पास 1,22,879 एमटी का भंडारण की क्षमता उपलब्ध है।
हरियाणा वेयरहाउसिंग के पास 61,000 एमटी भंडारण की क्षमता उपलब्ध है।
खाद्य आपूर्ति विभाग के पास 40,000 एमटी भंडारण की क्षमता उपलब्ध है।
एफसीआई के पास ओपन व भंडार घर में कुल 2 लाख एमटी भंडारण की क्षमता उपलब्ध है।
अब तक 25 प्रतिशत ही उठान
जिले की 14 मंडियों में सरसों की खरीद हो रही है। 15 मार्च से अब तक 35,320 क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है, जिसमें केवल 9,420 क्विंटल का ही उठान हो सका है। करीब 25 प्रतिशत का ही उठान हुआ है। 75 प्रतिशत उठान होना बकाया है। अभी सरसों की आवक तेज होगी तो उठान की प्रक्रिया और धीमी हो सकती है। जिससे मंडियों में ढेर लगने की आशंका है।
सीएम के निर्देश के तीन साल बाद भी अटल कैंटीन नहीं
वर्ष 2022 में तात्कालिक सीएम मनोहरलाल ने सभी मंडियों में अटल कैंटीन शुरु करने के निर्देश दिए थे। जिसमें दस रुपये में किसान को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। हिसार शहर की अनाज मंडी में अब तक यह कैंटीन शुरू नहीं हुई है। किसानों को मंडी से बाहर महंगे रेट पर भोजन करने को मजबूर होना पड़ता है। उस भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी कोई विश्वास नहीं होता।
हिसार की अनाज मंडी में स्ट्रीट लाइट न जलने से छाया अंधेरा।