जनस्वास्थ्य विभाग को नगर निगम ने एसटीपी बनाने के लिए सातरोड में 4 एकड़ जमीन देने के लिए हां कर दी है। सातरोड में सीवरेज लाइनें व एसटीपी बनाने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। नगर निगम के रे प्रोजेक्ट के तहत आया बजट भी अब जनस्वास्थ्य विभाग एसटीपी के साथ होने वाले काम पर खर्च करेगा।
एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए जमीन की निशानदेही के लिए वीरवार को नगर निगम के ईओ अरविंद बिश्नोई, एक्सईएन रामजीलाल, एमई जगदीश, लैंड ऑफिसर प्रवीन ने सातरोड का दौरा किया। नगर निगम की टीम ने लैंड मार्क कर रिपोर्ट तैयार की है।
डीसी-पार्षद की हुई मीटिंग, जमीन देने के लिए तैयार
नगर निगम कमिश्नर एवं डीसी चंद्रशेखर खरे की इस मामले को लेकर सातरोड एरिया के पार्षद राजपाल मांडू के साथ मीटिंग हुई। पार्षद ने खुद डीसी को कहा कि सातरोड के लोग एसटीपी के लिए चार एकड़ जमीन देने के लिए तैयार हैं।
प्रशासन बस जल्दी काम शुरू करवाए। पार्षद के हां के तुरंत बाद कमिश्नर खरे ने नगर निगम एक्सईएन व जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन केके गिल को इस काम को सिरे चढ़ाने के निर्देश दिए।
रे के पांच करोड़ भी लगेंगे इसी काम में
नगर निगम के रे प्रोजेक्ट के तहत सीवरेज की नई लाइनें डालने व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए आई पांच करोड़ रुपये की ग्रांट भी इसी काम में लगेगी। रे प्रोजेक्ट के तहत सीवरेज का काम भी जनस्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया है।
हालांकि पांच करोड़ के इस काम को करने से पहले जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी इसको लेकर आपत्ति उठा चुके हैं। उन्होंने मुख्यालय से और ग्रांट की मांग की थी।
सातरोड एरिया में सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए करीब 32 करोड़ रुपये की ग्रांट के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया था। इस प्रोजेक्ट को मंजूरी के लिए उन्होंने मुख्यालय से प्रतिक्रिया मांगी है।
कहां कहां एसटीपी चालू
डाबड़ा रोड 15 एमएलडी
राजगढ़ रोड 15 एमलएडी
यहां प्रस्तावित
न्यू रिशी नगर एरिया - 40 एमएलडी
सातरोड गांव - 6 एमएलडी
कैमरी रोड - 4 एमएलडी
70 एमएलडी हो जाएगी क्षमता
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से न्यू रिशी नगर में करीब 37 करोड़ रुपये के हिसार शहर के सबसे बड़े 40 मिलियन गैलन डेली के एसटीपी के लिए टेंडर किया जा चुका है। इस पर जल्द ही काम शुुरू होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद शहर में करीब 70 एमएलडी के एसटीपी हो जाएंगे।
जमीन को लेकर मामला अटका हुआ था। अगर नगर निगम जमीन देने को तैयार है तो एसटीपी बनने में कोई दिक्कत नहीं। हमने करीब 40 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। मंजूरी मिलते ही टेंडर कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
- केके गिल, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग
हमने रेलवे लाइनों के साथ मौका देखा है, जनस्वास्थ्य विभाग ने हमसे जमीन मांगी थी। नगर निगम जमीन देने के लिए तैयार है, मगर इससे पहले इसके एजेंडे को हाउस में रखा जाएगा।
- अरविंद बिश्नोई, ईओ नगर निगम