हिसार। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के प्रांगण में स्थापित गोवंश भ्रूण प्रत्यारोपण प्रयोगशाला (ईटीटीआईवीएफ) उद्घाटन किया। गोवंश भ्रूण प्रत्यारोपण प्रयोगशाला (ईटीटीआईवीएफ) को नस्ल सुधार के लिए 5 करोड़ 83 लाख रुपये का वित्त पोषण भी दिया गया है। 15 से 20 किलो दूध देने वाली गायों के भ्रूण ही तैयार किए जा रहे हैं।
लैब के इंचार्ज प्रो. आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि गोकुल मिशन के तहत देश भर में 33 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें हरियाणा में यह केंद्र लुवास में बनाया गया है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम गर्भाधान व अन्य तकनीकों के माध्यम से गोवंश की नस्ल सुधार करना है। मानवीय आईवीएफ प्रणाली की तरह ही पशुओं के तहत अधिक दूध देने वाली गायों के अंडाणुओं को इनक्यूबेटर में रखा जाता है और इसके बाद सरोगेट मदर के गर्भाशय में भ्रूण प्रत्यारोपित किया जाता है। इससे देसी गाय की नस्ल में भी सुधार होता है और गाय से अधिक दूध मिलता है। योजना के तहत पुश चिकित्सा, टीकाकरण, पशुधन बीमा, आहार संतुलन, दुग्ध रिकॉर्ड, प्रजनन प्रबंधन व राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जाता है। लैब में अब तक 26 भ्रूण प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। जिसमें 19 गोवंश का जन्म हो चुका है। फिलहाल साहीवाल नस्ल की गाय का सीमन लेकर उससे भ्रूण तैयार किए जा रहे हैं।