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10 करोड़ के एस्ट्रोटर्फ की प्यास नहीं बुझा पाया खेल विभाग

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एस्ट्रोटर्फ पर अभ्यास करते खिलाड़ी (फाइल फोटो) संवाद - फोटो : Hisar
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हिसार। शहर में 10 करोड़ की लागत से बने एस्ट्रोटर्फ की खेल विभाग प्यास नहीं बुझा पाया है। दो माह बीत जाने के बाद भी एस्ट्रोटर्फ पर लगे स्प्रिंगल फव्वारे ठीक नहीं हो पाए। ऐसे में लगातार खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। मुख्य ग्राउंड के बाद अब छोटे ग्राउंड पर भी फव्वारों ने काम करना बंद कर दिया है।
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उधर, मिट्टी के मैदान पर अभ्यास करते समय खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं। तीन दिन में दो खिलाड़ी चोटिल हो चुुकी हैं। कई बार खिलाड़ी भी खेल अधिकारियों से फव्वारों को ठीक करवाने की मांग कर चुके हैं, मगर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। खिलाड़ियों का कहना है कि 10 करोड़ से बने एस्ट्रोटर्फ का उन्हें कोई फायदा नहीं मिल रहा है।
काफी समय से फव्वारे खराब हैं। मजबूरन मिट्टी के मैदान पर अभ्यास कर रहे हैं। हर समय चोट लगने का डर रहता है। तीन दिन में दो खिलाड़ी रजनी और मोहिनी को अभ्यास के समय चोट लग चुकी है। फिर भी खेल विभाग आंखें मूंदे कर बैठा है। खेल विभाग तुरंत संज्ञान लेकर फव्वारे को ठीक करवाएं। - रेेखा शर्मा, गोलकीपर, साई
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बड़े और छोटे एस्ट्रोटर्फ पर काफी समय से फव्वारे नहीं चल रहे हैं। यदि पानी छिड़काव के बिना प्रैक्टिस करेंगे तो चोट लगने का डर रहता है। एस्ट्रोटर्फ होने के बावजूद हमे सुविधा नहीं मिल रही है। कभी फव्वारे खराब हो जाते हैं तो कभी पाइप फट जाती है। मिट्टी के मैदान पर ठीक ढंग से अभ्यास नहीं कर पाते हैं। - सोनिया, नेशनल मेडलिस्ट, साई
मिट्टी के मैदान में काफी गड्ढे और लंबी घास उगी हुई है तो एस्ट्रोटर्फ पर फव्वारे खराब पड़े हैं। पहले लॉकडाउन में प्रैक्टिस बंद रही। अब फव्वारे काम नहीं कर रहे हैं। एस्ट्रोटर्फ समतल होता है, लेकिन मिट्टी के मैदान का लेवल ठीक नहीं होने के कारण अभ्यास प्रभावित होने के साथ चोट लगने का भी डर रहता है। - ज्योति बिदासरा, नेशनल मेडलिस्ट, साई
एस्ट्रोटर्फ पर फव्वारे ठीक करवाने को लेकर हमारी ओर से पत्र मुख्यालय भेजा जा चुका है। मेरी पोस्टिंग जींद में है, लेकिन मुझे हिसार का भी अतिरिक्त चार्ज मिला हुआ है। सोमवार को अधिकारी से बातचीत कर अपडेट लिया जाएगा। - राजबाला, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी
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