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खुद किट खरीद रिंग में उतरीं सोनू-किरण, अब राष्ट्रीय स्तर पर खेल रहीं

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बॉक्सर किरण गोदारा। संवाद - फोटो : Hisar
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अश्वनी कुमार
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हिसार। तीन साल पहले खुद खेल किट खरीद सोनू-किरण गोदारा रिंग में उतरीं तो मां ने खेलने से मना कर दिया, लेकिन दोनों ने संघर्ष जारी रखा और बॉक्सिंग में अपना करियर बनाने की ठान ली। अब दोनों जांलधर में शुरू हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में पंच का दम दिखा रही हैं।
किरण आदमपुर और सोनू सीसवाल की रहने वाली हैं। दोनों बॉक्सर राजस्थान के हनुमानगढ़ की एसकेडी यूनिवर्सिटी की ओर से खेल रही हैं। बॉक्सर सोनू और किरण बताती हैं कि जब उन्होंने बॉक्सिंग की शुरुआत की तो परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने खुद अपने पैसों से बॉक्सिंग किट खरीदी और अभ्यास करना शुरू कर दिया। खेल अभ्यास शुरू करने के छह माह बाद वह सुभाष चंद्रा फाउंडेशन से जुड़ीं और उसके तहत प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी। फिलहाल वह पूर्व जिला खेल अधिकारी एवं खेल इंचार्ज सूबे सिंह बेनिवाल के नेतृत्व में कोच लक्ष्मण रावत से प्रशिक्षण ले रही हैं। वहीं इस चैंपियनशिप में सोनू, किरण के अलावा चंद्रिका और वीना भी भाग ले रही हैं। किरण 70 किलोग्राम भारवर्ग में खेल रही है, वहीं सोनू की रविवार से फाइट शुरू होगी। वह 54 किलोग्राम भारवर्ग में पंच का दम दिखाएगी।
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मां को नहीं था खेलना पसंद तो पिता ने दिया साथ
किरण बताती हैं कि उनकी माता संतरो देवी को खेलना पंसद नहीं था। मां कहती थीं कि खेल में कुछ नहीं रखा है। रोजाना आनाजाना नहीं करना है, लेकिन पिता राम सिंह ने जब साथ दिया तो बेटी का हौसला बढ़ गया और पीछे मुड़कर नहीं देखा। किरण बताती हैं कि अब तो पिता के अलावा मां भी मुझे खेलने के लिए प्रेरित करती हैं।
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दोनों का सपना गोल्ड मेडल जीतना
बॉक्सर सोनू-किरण का कहना है कि इस चैंपियनशिप में उनका सपना गोल्ड मेडल जीतना है। इसको लेकर उन्होंने दिन-रात मेहतन की थी। बॉक्सिंग कोच लक्ष्मण रावत का कहना है कि इस चैंपियनशिप को लेकर खिलाड़ियों की तैयारी पूरी है। शनिवार को किरण ने जीत हासिल करते हुए अगले राउंड में प्रवेश कर लिया। (संवाद)

बॉक्सर सोनू। संवाद- फोटो : Hisar

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