हिसार। इस साल भी भारत में ला-नीना मौसम प्रणाली का प्रभाव जारी है, जिसकी वजह से सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप में मानसून गतिविधियां सामान्य से अधिक रहने वाली है। हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में भी अपने सामान्य समय पर मानसून का आगमन 30 जून को हो गया था। 27 जुलाई तक मानसून बारिश की गतिविधियों के अनुसार संपूर्ण हरियाणा में अभी तक 203.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य बारिश 186.7 मिलीमीटर से 9 प्रतिशत अधिक दर्ज हुई है।
वहीं प्रदेश के 6 जिलों में अभी भी मानसून बारिश की कमी दर्ज हुई है, जिसमें फरीदाबाद में 45, अंबाला में 37, यमुनानगर में 33 , गुरुग्राम में 30, नूंह में 18 व सोनीपत में 14 प्रतिशत कम बारिश हुई जबकि प्रदेश के 16 जिलों में बारिश की गतिविधियों को सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मानसून टर्फ रेखा की स्थिति दक्षिणी होने की वजह से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में बिखराव वाली बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जा रहा है। मगर बुधवार से मानसून टर्फ रेखा उत्तरी हो गई है, जिसकी वजह से अब मैदानी राज्यों में मानसून बारिश गतिविधियों में तेजी आएगी। इस बार मानसून टर्फ रेखा एक सप्ताह तक उत्तरी रहने की संभावनाएं बन रही है। इस कारण से प्रदेश में 28 से 31 जुलाई और अगस्त के पहले सप्ताह में भी कहीं हल्की तो कहीं मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी व मूसलाधार बारिश देखने को मिलेगी।
मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर 28-30 जुलाई के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। हरियाणा के उत्तरी जिलों पंचकूला अंबाला यमुनानगर कुरुक्षेत्र करनाल के लिए ऑरेंज अलर्ट और शेष हरियाणा के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है। बुधवार को हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में कुछ स्थानों पर बिखराव वाली बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया गया। इस दौरारन प्रदेश में अधिकतम तापमान 33.0 से 39.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.0 से 28.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।