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Hisar News: हुनर तैयार, मैदान बेकार...फाइलों की दौड़ में थमी खिलाड़ियों की रफ्तार, 16.72 करोड़ की सिंथेटिक ट्रैक योजना अटकी, आदमपुर स्टेडियम को नई जिंदगी का इंतजार

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हिसार। खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए मंडी आदमपुर का राजीव गांधी खेल स्टेडियम रखरखाव के अभाव में बदहाल होता जा रहा है। जिस मैदान से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होने की उम्मीद थी वहां आज खिलाड़ी जर्जर ट्रैक और सीमित सुविधाओं के बीच अभ्यास करने को मजबूर हैं।
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स्टेडियम में सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक के निर्माण के लिए जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) कार्यालय ने 24 फरवरी को खेल विभाग मुख्यालय को करीब 16.72 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा था। फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है।
कोच सुरेंद्र करीर ने बताया कि परियोजना मंजूर होने तक खिलाड़ियों को मौजूदा बदहाल मैदान पर ही अभ्यास करना पड़ रहा है। मैदान की खराब स्थिति न केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है बल्कि उनकी सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी हुई है।
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प्रदीप, विनोद, मनोज, सुरेश और प्रमोद का कहना है कि खेल सुविधाओं से जुड़े प्रस्ताव जल्द धरातल पर उतरने चाहिए ताकि क्षेत्र के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें। अब खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की नजर इस बात पर है कि सिंथेटिक ट्रैक परियोजना को मंजूरी कब मिलती है और स्टेडियम अपनी खोई पहचान कब वापस पाता है।
बालक गांव की एथलेटिक्स नर्सरी भी निरस्त
खेल नर्सरियों में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद खेल मंत्री गौरव गौतम के निर्देश पर विभाग ने निरीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट के आधार पर हिसार जिले में पांच खेल नर्सरियां बंद कर दी गई हैं। इनमें पीएमश्री स्कूल गंगवा और ग्राम पंचायत मसूदपुर की दो-दो फुटबाल नर्सरियों के बाद अब ग्राम पंचायत बालक की एथलेटिक्स नर्सरी भी निरस्त कर दी गई है। निरीक्षण के दौरान बालक गांव की नर्सरी में न तो कोच मौजूद मिला और न ही खिलाड़ी प्रशिक्षण लेते मिले। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए नर्सरी का संचालन रद्द कर दिया।
हिसार-हांसी में 168 खेल नर्सरियां आवंटित
खेल विभाग के उपनिदेशक राममेहर सिंह ने बताया कि नर्सरी खेल विभाग के निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित नहीं हो रही थी, इसलिए उसे बंद किया गया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हिसार और हांसी जिलों में कुल 168 खेल नर्सरियां आवंटित की गई हैं। यदि किसी अन्य नर्सरी में भी नियमों की अनदेखी या संचालन में लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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