पिता रिक्शा में बैठकर लाउडस्पीकर पर दुकानों का प्रचार किया करते थे, पर बेटा पायलट बनना चाहता था और आखिर उसने ऐसा कर दिखाया।
पक्के इरादों वाला हिमांशु मोंगा इंडियन नेवी में सब लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्त होकर हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में फ्लाइंग ट्रेनिंग ले रहा है।
बेटे की इस उपलब्धि पर रानियां गेट निवासी अनाउंसर किशन मोंगा को नाज है। किशन ने बताया कि हिमांशु ने दसवीं की परीक्षा जीआरजी नेशनल स्कूल से जबकि बारहवीं की परीक्षा सेंट जेवियर स्कूल से की। इसके बाद हिमांशु ने लवली विश्वविद्यालय जालंधर से बीटेक किया। बीटेक करते ही उसे हैदराबाद की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी मिल गई लेकिन उसकी मंजिल तो कुछ ओर ही थी।
किशन ने बताया कि हिमांशु को पढ़ना अच्छा लगता था। खेलों से वह दूर रहता था। बचपन में खिलौने के नाम पर सिर्फ जहाज ही खरीदता था। सिरसा वायु सेना केंद्र से जब भी कोई जहाज उड़ान भरता तो वह छत पर जाकर उसे देखता रहता और कहता कि एक दिन वह भी पायलट बनेगा।
उन्हाेंने बताया कि एक दिन उसके दोस्त इंडियन नेवी में नियुक्ति के लिए आवेदन कर रहे थे। उन्होंने हिमांशु से पूछा कि तो उसने कहा कि वह वायु सेना में आवेदन करेगा। जब उसके दोस्तों ने बताया कि इसमें भी उसके सपने साकार हो सकते हैं। इस पर हिमांशु ने आवेदन किया।
बंगलूरू में नेवी में नियुक्ति देने वाले बोर्ड की प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद जुलाई 2013 में हिमांशु ने इंडियन नेवी अकादमी केरल में प्रशिक्षण शुरू किया। 23 नवंबर 2013 को पासिंग आउट परेड में हिमांशु को सब लेफ्टिनेंट पद से नवाजा गया। वर्तमान में हिमांशु मोंगा हैदराबाद स्थित एयर फोर्स अकादमी में फ्लाइंग ट्रेनिंग ले रहा है। अपनी इस उपलब्धि का सारा श्रेय हिमांशु ने अपने माता-पिता और प्रशिक्षकों को दिया है। हिमांशु के पिता इसे अपने सतगुरु की रहमत ही मानते हैं।