गांव बुड़ाक हरियाणा की सीमा का आखिरी गांव है। इस गांव में पेयजल तथा नहरी पानी की समस्या सबसे अधिक रहती है। गांव के लोग पानी को लेकर काफी बार आंदोलन कर चुके हैं। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों का भी बहिष्कार किया था।
पानी चोरी रोकने को लेकर गांव बालसमंद के लोगों ने बालसमंद चौकी का घेराव किया। ग्रामीणों की मांग है कि पानी की चोरी करने तथा धमकी देने के आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। जब तक आराेपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा।
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गांव बालसमंद के लाेगों ने बताया कि उनके गांव के पानी को सीसवाला में ही चोरी कर लिया जाता है। पानी की चोरी को रोकने के लिए गांव बालसमंद के लोग बुधवार की रात को नहर पर गए थे। गांव के लोग सिंचाई विभाग की टीम के साथ निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान सीसवाला में कुछ लोग पानी की चोरी करते मिले। सिंचाई विभाग की टीम ने उनको रोकने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने बताया कि चोरी करने वालों ने धमकी भी दी। गांव के लोगों का आरोप है कि पानी की चोरी पुलिस की मिलीभगत से हो रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए उनको शह देने का काम कर रही है। जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा।
अंतिम छोर पर बुड़ाक- बालसमंद
गांव बुड़ाक हरियाणा की सीमा का आखिरी गांव है। इस गांव में पेयजल तथा नहरी पानी की समस्या सबसे अधिक रहती है। गांव के लोग पानी को लेकर काफी बार आंदोलन कर चुके हैं। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों का भी बहिष्कार किया था। पानी की मांग को लेकर हिसार लघु सचिवालय के बाहर करीब दो महीने लंबा आंदोलन चलाया था। गांव बालसमंद भी में नहरी पानी उपलब्ध न होने के चलते गांव के लोग भूजल पीने को मजबूर हैं।