जिले के कई सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कहीं शौचालय की व्यवस्था नहीं है तो किसी स्कूल में पानी पीने लायक नहीं। यहां तक कि स्कूल में स्मार्ट क्लास तो बना दिए, लेकिन इंटरनेट नहीं चलने से एलईडी शोपीस बनी हैं। इसके अलावा एचएयू परिसर में चल रहे प्राइमरी स्कूल का भवन कई सालों से जर्जर घोषित हो चुका है, उसे तोड़कर दोबारा बनवाना तो दूर की बात है। उसी जर्जर भवन में बैठकर विद्यार्थी शिक्षा का ज्ञान लेने को मजबूर हैं। शहर के तीन स्कूलों की पड़ताल में कई खामियां सामने आईं। संवाद
रामपुरा मोहल्ला : बंदरों का खौफ, पढ़ाई के साथ खुद की सुरक्षा खुद के हाथ
रामपुरा मोहल्ला के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में विद्यार्थी टाट पट्टी के बिना बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। अधिकारियों को सब कुछ पता होने के बाद भी खामियों को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। बुधवार को विद्यार्थी जमीन पर बैठकर भविष्य की परीक्षा देते नजर आए। स्कूल का भवन भी काफी पुराना है। पढ़ाई कर रहे बच्चों पर बंदर कब हमला कर दें, इसका कुछ पता नहीं। खास बात यह है कि बीईओ का कार्यालय इस स्कूल से सटा हुआ है। इस बारे में स्कूल प्रशासन की तरफ से शिक्षा अधिकारी को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या कोई समाधान नहीं हुआ।
किचन की छत कंडम हो चुकी है। इसको लेकर अधिकारियों को पत्र भेज चुके हैं, टेस्ट होने की वजह से बच्चों को धूप में बैठाया गया है। -
विनोद, प्राचार्य राजकीय प्राथमिक पाठशाला, रामपुरा मोहल्ला
एचएयू : स्कूल भवन जर्जर, शेड गिर न जाएं इसलिए खुले में लगती हैं कक्षाएं
एचएयू परिसर के अंदर चल रही राजकीय प्राथमिक पाठशाला के हालात बद से बदतर है। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे अपनी जान हथेली पर रख कर शिक्षा का ज्ञान ले रहे हैं। स्कूल के भवन का शेड कभी भी गिर सकता है। ऐसे में एहतियात के तौर पर शिक्षक बच्चों को कक्षा के अंदर पढ़ाने के बजाय बाहर कक्षाएं लगा रहे हैं। बच्चे भी कक्षा के अंदर बैठने से कतराते हैं। बारिश होती है तो छत से पानी टपकता है।
काफी समय से भवन जर्जर हो चुका है। इस बारे में कई बार अधिकारी को पत्र लिख चुके हैं। इसके बाद समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। भवन जर्जर होने के कारण कक्षाएं बाहर लगानी पड़ती हैं।
- मीना, प्राचार्य राजकीय प्राथमिक स्कूल एचएयू
पटेल नगर : स्मार्ट क्लास में शोपीस बनी एलईडी
पटेल नगर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्कूल में स्मार्ट क्लास बनाने के लिए एलईडी लगाई हुई हैं। इसका मकसद है कि विद्यार्थियाें को ऑनलाइन शिक्षा मिल सकें। एलईडी पर क्लास लगाने से शिक्षकों का 50 प्रतिशत काम कम हो जाता है, लेकिन हैरान करने वाली बात ये है कि इंटरनेट समस्या और रिचार्ज न करवाने की वजह से एलईडी बंद पड़ी हैं। ऐसे में विद्यार्थी ऑनलाइन शिक्षा से वंचित हैं। स्कूल परिसर में सभी कक्षाएं क्लास रूम में न लगने के बजाय ठंड में जमीन पर बाहर खुले में लग रही हैं।
सर्दी होने के कारण धूप में कक्षाएं लगा रहे हैं। एलईडी रिचार्ज न होने के कारण बंद है। जब राशि आ जाएगी तो रिचार्ज करा दिया जाएगा। -
अजय कुमार, प्राचार्य राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पटेल नगर