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हमारे से गंदा वार्ड व गंदा गांव दिखा दो हम दो लाख रुपये पुरस्कार देंगे

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हिसार। वार्ड-11 से मनोनीत पार्षद राजपाल मांडू व पार्षद प्रतिनिधि पप्पू सैनी ने नगर निगम प्रशासन व प्रदेश सरकार को खुला चैलेंज देते हुए कहा कि अगर उनके वार्ड से गंदा वार्ड व उनके गांव से गंदा गांव ढूंढकर दिखा दे तो हम दो लाख रुपये का पुरस्कार देंगे। वीरवार को नगर निगम कार्यालय के पार्षद कक्ष में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पार्षद ने उनके वार्ड में विकास कार्य न होने का ठीकरा नगर निगम प्रशासन व प्रदेश सरकार पर फोड़ा।
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पार्षद ने साफ तौर पर कहा कि पंचायत की 200 एकड़ जमीन हड़पने के लिए निगम में शामिल किया गया। वहीं निगम में शामिल होने के 12 वर्षों में हमें सिर्फ एक पार्क व स्टेडियम ही मिला। उधर, वार्ड-14 से पार्षद अमित ग्रोवर के नेतृत्व में शहरवासियों ने प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट नोटिस की प्रतियां फूंकी और निगम प्रशासन से दोबारा से सर्वे करवाने व सर्वे करने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में पार्षद ने कहा कि मूलभूत सुविधाएं दिए बिना वार्ड 11 पर वर्ष 2010 से 2022 तक का प्रॉपर्टी टैक्स लगाया गया है, जबकि पानीपत सोनीपत के साथ हिसार को भी नगर निगम का दर्जा मिलने के साथ-साथ, जो गांव नगर निगम में शामिल हुए हैं, उन्हें वर्ष 2019 तक टैक्स में छूट दी गई। वह छूट पानीपत व सोनीपत के गांव को तो मिली, लेकिन हिसार नगर निगम के गांव छोटी सातरोड़ को नही मिली। यह सरासर हमारे साथ भेदभाव है। उधर वार्ड में अमरूत योजना के तहत सीवर व पेयजल लाइन का कार्य साढ़े तीन वर्षों से लटका पड़ा है। वार्डवासी पुरानी लाइन से दूषित पानी पी रहे हैं। लाइन डालने का कार्य अभी बंद पड़ा है। निगम प्रशासन व सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। इस मौके पर पार्षद मनोहर लाल, प्रीतम सैनी, उमेद खन्ना, जयप्रकाश, मनोनीत पार्षद सतीश सुरलिया, कैप्टन नरेंद्र शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया, राजकुमार भी मौजूद रहे।
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चार साल पहले हुआ टेंडर पर आज तक काम पूरा नहीं
पार्षद ने बताया कि चार वर्ष पहले शुरू हुए वार्ड-11 में स्टेडियम की चहारदीवारी, हॉल, कमरा, मुख्य द्वार व लड़के-लड़कियों के लिए शौचालय का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि वार्ड में शहर की तर्ज पर पक्के मकान बनाने के लिए राजीव आवास योजना को वर्ष 2013 में लागू किया गया था, जिसके तहत 1508 मकानों को पास किया गया था। मगर वर्ष 2022 तक सिर्फ 800 मकान ही बने। इसक बाद योजना को रोक दिया गया। राजपाल मांडू ने बताया कि वार्ड का कुछ हिस्सा 50 वर्षों से गांव के इस्तेमाल में आ रहा था, जिस हिस्से को आज अभी अनाधिकृत दिखाया हुआ है।
5 करोड़ की ग्रांट में से मिले सिर्फ 50 हजार रुपये
हिसार शहर के विकास कार्य के लिए 5 करोड़ की ग्रांट आई थी, जिसमें से वार्ड 11 को सिर्फ 50 हजार रुपये दिए गए। वार्ड में अभी कुछ मुख्य गलियां बनाने का कार्य चल रहा था, जो अभी बंद है। कार्य की गति देखकर लगता है कि इस बार भी बारिश में वार्ड के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
दोबारा से सर्वे करवाए निगम प्रशासन, हम बिल ठीक करवाने के लिए नहीं खाएंगे धक्के
प्रॉपर्टी टैक्स के गलत सर्वे के विरोध में वीरवार को पार्षद अमित ग्रोवर के नेतृत्व में सैकड़ों शहरवासियों ने नगर निगम में पहुंचकर असेसमेंट नोटिस की प्रतियां जलाकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने व दोबारा से सर्वे करने की मांग उठाई। साथ ही इस मांग को लेकर निगमायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शहरवासियों ने कहा कि कंपनी के कर्मचारियों से दोबारा सर्वे करवाया जाए अन्यथा शहरवासी बिल ठीक करवाने नगर निगम में धक्के नही खाएंगे।
इसके अलावा एनडीसी या एनओसी की समय सीमा निश्चित की जाए। किसी प्रॉपर्टी में यदि व्यावसायिक गतिविधि का संचालन हो रहा है तो जितने हिस्से में व्यावसायिक गतिविधि चल रही है, उतनी हिस्से का ही कॉमर्शिलय टैक्स लिया जाए। इस पर निगमायुक्त ने कहा कि यह हिसार नहीं पूरे प्रदेश का मामला है। वह उक्त ज्ञापन और मांग की रिपोर्ट बनाकर सरकार के पास भिजवा देंगे। इसके अलावा वार्ड अनुसार भी टीम भेज कर कैम्प लगा सकते है ताकि आप लोगो को नगर निगम में भीड़ में न आना पड़े। ज्ञापन सौंपने वालों में रामनिवास गोयल, दिनेश बिश्नोई, अमरलाल बूरा, सतपाल ठाकुर, मनोज अरोड़ा, सतीश कुकड़ेजा, गोपाल मेहता, शंकर मल्होत्रा, संजीव राणा, भीम सिंह यादव, बीआर जैन, मुकेश बजाज, पुनीत ग्रोवर, नवदीप गांधी, संजीव घिनोत्रा, वरुण शर्मा आदि शामिल रहे।
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