हरियाणा के हिसार में सरपंच चुनाव की रंजिश में मात्रश्याम गांव में बलवंत की गोलियां मारकर हत्या और हत्या के प्रयास मामले में अदालत ने गांव के ही अशोक उर्फ लोटा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे विवेक गोयल की अदालत ने दोषी पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर चार माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
अदालत ने छह जुलाई को उसे दोषी करार दिया था। वहीं, मामले से जुड़े चार आरोपियों को बरी कर दिया था। इस संबंध में 21 जुलाई 2017 को सदर थाना पुलिस ने हत्या, हत्या प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र रचने और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था।
पुलिस को दी गई शिकायत में राजगढ़ मार्ग स्थित आदर्श कॉलोनी में रहने वाले मात्रश्याम निवासी एडवोकेट जगदीश राय वर्मा ने कहा था कि उनका सबसे छोटा बेटा बलवंत सिंह अविवाहित था। वह अक्सर गांव मात्रश्याम में रहता था। 20 जुलाई को पड़ोसी अरविंद ने फोन कर बताया कि गांव के बस अड्डे पर कुछ युवकों ने बलवंत को गोलियां मार दी है, उसे अस्पताल ले जाया जा रहा है।
जब वह मौके पर पहुंचे तो बलवंत की मौत हो चुकी थी। जबकि उसका दोस्त प्रदीप उर्फ दीपू घायल था। उनका आरोप था कि अशोक उर्फ लोटा ने सरपंच चुनाव की रंजिश में साथियों के साथ मिलकर बलवंत की हत्या की है।