हिसार। आरक्षण वर्गीकरण और क्रीमीलेयर के खिलाफ विभिन्न एसी संगठन बुधवार को सड़क पर उतरे। इस दौरान एससी समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ तत्काल अध्यादेश लाया जाए और अनुसूचित जाति के आरक्षण को नौंवी सूची में डाला जाए। उधर एससी संगठनों की तरफ से किए गए भारत बंद के आह्वान का बाजारों पर कोई असर नजर नहीं आया।
इससे पहले गुरु रविदास सभा, गुरु रविदास महासभा, डॉ. बीआर आंबेडकर महासभा, भीम आर्मी के सदस्य सुबह क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद सभी क्रांतिमान पार्क से पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। हालांकि यहां पहले तैनात पुलिस बल ने सभी प्रदर्शनकारियों को गेट पर ही रोक लिया। इस दौरान विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कहा कि आरक्षण के मामले को संविधान की नौवीं सूची में शामिल किया जाए ताकि एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण विरोधी मानसिकता फिर से इस आरक्षण से छेड़छाड़ न कर पाए। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से हाल ही में दिए गए अनुसूचित जाति वर्गीकरण के निर्णय से पूरे देश के एससी समाज के लोगों में उबाल और नाराजगी है।
मोदी सरकार को इस निर्णय के खिलाफ तत्काल एक नया अध्यादेश लाया जाना चाहिए, अन्यथा यह लड़ाई रुकने वाली नही है। हरियाणा सरकार की अनुसूचित जाति के लोगों में फूट डालने की कोशिश को रोका जाए, वरना आने वाले विधानसभा चुनाव में एससी समाज बीजेपी को सबक सिखाने का काम करेगा। इस अवसर पर भीम आर्मी हिसार प्रवक्ता एडवोकेट संतलाल आंबेडकर, अमित जाटव, प्रदीप यादव, मनीष गांधी, मांगेराम भगला, पूनम बौद्ध , निवर्तमान पार्षद जयप्रकाश, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
ज्ञापन सौंपने पर हुआ विवाद
इस दौरान ज्ञापन सौंपने को लेकर संगठनों के नेताओं में विवाद हो गया। एक संगठन के पदाधिकारी ज्ञापन सौंपने के लिए उपायुक्त कार्यालय चले गए, जबकि एक अन्य संगठन के पदाधिकारी बोले कि उपायुक्त उनके पास आकर ज्ञापन लें अन्यथा वह रोड जाम करने को मजबूर होंगे। हालांकि उपायुक्त प्रदर्शनकारियों के बीच नहीं पहुंचे।