हिसार। लघु सचिवालय के पीछे रविवार सुबह साढ़े पांच बजे सरसाना माइनर टूट गई। मौजूद बेलदार ने माइनर टूटने की सूचना सिंचाई विभाग को दी। इसके बाद सिंचाई विभाग के एसडीओ सत्यवीर सिंह पहुंचे और माइनर टूटने के कारणों का पता लगाया। चार घंटे की मशक्कत के बाद माइनर को पाटने का काम पूरा हो सका। हालांकि शाम तक वहां काम चलता रहा। वहीं माइनर टूटने से एचएयू के फार्मों में पानी भरा गया। वहां खड़ी गेहूं व जौ की फसल पानी से लबालब हो गई। माइनर टूटने से कितना नुकसान हुआ इसको लेकर अभी कोई भी बोलने के लिए तैयार नहीं है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार वहां सोमवार को पटवारी निरीक्षण करेंगे। दो दिन बाद रिपोर्ट आएगी। इसके बाद ही नुकसान का आकलन किया जा सकेगा।
बता दें, कि सरसाना माइनर बालसंमद ब्रांच से निकलती है। सुबह साढ़े पांच बजे वहां मौजूद बेलदार को सबसे पहले माइनर टूटने का पता चला। सिंचाई विभाग के एसडीओ सत्यवीर सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में सेह जानवर का हॉल मिला है। उन्होंने बताया कि हाल के कारण मिट्टी नीचे बैठ गई। इस कारण माइनर टूटी है। वहीं पानी सचिवालय के क्वार्टरों की तरफ बढ़ता गया तो यहां के लोगों को नहर टूटने का पता चला। इसके बाद आसपास के लोग एकत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि पानी का बहाव काफी तेज था।
तीन जेसीबी व चार ट्रैक्टर मंगवाए
माइनर टूटने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तुरंत प्रभाव से पानी को रोकने का प्रयास किया मगर पानी का बहाव काफी तेज बताया जा रहा है। इस दौरान तीन जेसीबी व चार ट्रैक्टर मंगवाए गए। 15 से 20 सिंचाई विभाग के कर्मचारियों के अलावा 10 से ज्यादा मजदूर बुलाने पड़े। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सरसाना माइनर में पड़े कट को पाटने का काम किया। वहीं पानी सचिवालय के क्वार्टरों की तरफ बढ़ा तो नहर टूटने का पता चला।
मैं मौके पर गया था। माइनर में पड़े कट को पाटने में चार घंटे का समय लगा। माइनर टूटने से एचएयू के फार्मों में पानी भर गया है। दो दिन में पानी निकल जाएगा। - सत्यवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
सुबह माइनर टूटने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही विभाग के कर्मचारी पहुंचे। अब माइनर को ठीक करवाया जा चुका है। - दलबीर सिंह ढिल्लो, एक्सईएन, सिंचाई विभाग