हिसार। लघु उद्योगोंं को बढ़ावा देने की केंद्र और राज्य सरकार की कोशिशें नियमों और नौकरशाही के जाल में फंसकर दम तोड़ती नजर आ रही है। हालत यह है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत लघु उद्योग स्थापित करने वाले प्रदेश भर के करीब 770 उद्यमी डेढ़ साल से 45 करोड़ की सब्सिडी का इंतजार कर रहे हैं। लेटलतीफी की वजह से उन्हें आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। कारोबारियों की मानें तो खादी ग्रामोद्योग कार्यालय अंबाला के अधिकारी उन्हें संतोषजनक जवाब तक नहीं दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार योजना व ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम को मिलाकर बनाई इस योजना को केंद्र सरकार ने अगस्त 2008 में शुरू किया था। जिले में वित्तीय सत्र 2009-10 से यह योजना चल रही है। 2021-22 में 15वें वित्त आयोग ने इस योजना को वित्तीय वर्ष 2025-26 तक बढ़ा दिया था। 2021-22 से पहले इस योजना के तहत उत्पाद इकाई लगाने पर 25 लाख रुपये और सर्विस यूनिट लगाने पर 10 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता था। इस योजना से जुड़े करीब 770 लघु उद्यमी, जिन्होंने वित्तीय सत्र 2023-24 में ऋण लिया था, उन्हें अब तक सब्सिडी नहीं मिली है, जबकि 2021-2022 तक 15 दिन में सब्सिडी आ जाती थी।
क्या है योजना
पीएमईजीपी के तहत लघु उद्योग स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। निर्माण व उत्पादन संबंधी इकाई लगाने के लिए 50 लाख और सेवा संबंधी इकाई लगाने के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। सामान्य श्रेणी के लाभार्थी को शहरी क्षेत्र में इकाई लगाने पर 15 व ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने पर 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है। एससी, एसटी, ओबीसी, महिला, अल्पसंख्यक, एक्स सर्विसमैन, निशक्त व ट्रांसजेंडर श्रेणी के लाभार्थी को शहरी क्षेत्र में इकाई लगाने पर 25 और ग्रामीण क्षेत्र में लगाने पर 35 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। यह सब्सिडी खादी ग्रामोद्योग आयोग की तरफ से दी जाती है।
यूं उठाना पड़ रहा है नुकसान
लाभार्थियों ने बताया कि खादी ग्रामोद्योग आयोग की तरफ से सब्सिडी उनके खाते में ट्रांसफर की जाती है। हालांकि बैंक सब्सिडी को तीन साल बाद ही लाभार्थी को देता है। चूंकि सब्सिडी बैंक के पास रहती है तो बैंक स्वीकृत ऋण राशि में से सब्सिडी राशि घटाकर बची राशि पर ब्याज लगाता है। सब्सिडी समय पर नहीं आती है तो लाभार्थी से पूरी ऋण राशि पर ब्याज वसूलता है।
अब तक नहीं मिली सब्सिडी
मैंने शटरिंग संबंधी काम शुरू किया है। फरवरी में मेरा 10 लाख रुपये का ऋण मंजूर हो गया था। अब तक मुझे सब्सिडी नहीं मिली है। खादी ग्रामोद्योग आयोग कार्यालय के अधिकारी भी यह नहीं बता रहे है कब तक सब्सिडी आएगी। - अशोक कुमार, कारोबारी
मैंने पीएमईपीजी के तहत 29 लाख रुपये का ऋण लेकर प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण की यूनिट लगाई है। पिछले साल अक्तूबर में मेरा ऋण मंजूर हो गया था, लेकिन आज तक सब्सिडी नहीं आई है। - सुमन, कारोबारी
मैंने प्रिंटिंग यूनिट लगाने के लिए इस योजना के तहत मार्च 2024 में 10 लाख रुपये का ऋण लिया था, लेकिन अब तक सब्सिडी बैंक खाते में नहीं आई। सब्सिडी आ जाती तो मुझे पूरी राशि पर ब्याज नहीं देना पड़ता।- सीमा, कारोबारी
-
मेरा ऋण मंजूर हुए एक साल का समय हो चुका है, लेकिन अब तक बैंक खाते में सब्सिडी नहीं आई। मैंने 35 लाख रुपये का ऋण लेकर पैकेजिंग यूनिट लगा रखी है। - संगीता, कारोबारी
कारोबारियों के ऋण संबंधी दस्तावेज का सत्यापन के लिए निजी एजेंसी के साथ करार था। इसके साथ कुछ विवाद की वजह से सत्यापन का काम रुका था। इसकी वजह से लाभार्थियों को सब्सिडी नहीं मिल पा रही। अब सत्यापन संबंधी कार्य सरकारी एजेंसी को दिया है। उम्मीद ही जल्द सब्सिडी जारी हो जाएगी। - शिवा कुमार, निदेशक, खादी ग्रामोद्योग आयोग, अंबाला