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Hisar News: 3 हजार करोड़ में धरातल पर उतरेगा रिंग रोड

Thu, 24 Jul 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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साउथ बायपास रोड से गुजरते वाहन चालक।
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रिंग रोड के लिए एनएचएआई ने 3 हजार करोड़ का एस्टीमेट भेजा
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हिसार। राजगढ़ से चंडीगढ़ फोरलेन वाया दिल्ली हाईवे होते हुए बनने वाले रिंग रोड पर करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें जमीन अधिग्रहण व सड़क निर्माण दोनों का खर्च शामिल है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कंसल्टेंट की मदद से यह एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय भिजवा दिया है। अब बजट मिलने के साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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वर्तमान में चंडीगढ़ रोड से सिरसा रोड, सिरसा रोड से राजगढ़ रोड के बीच बाईपास बना हुआ है। मगर राजगढ़ रोड से दिल्ली रोड और दिल्ली रोड से चंडीगढ़ रोड के बीच बाईपास नहीं बना हुआ। करीब 6-7 साल से इस बाईपास के निर्माण की मांग की जा रही है। अगर ये बाईपास बन जाते हैं तो शहर के चारों तरफ से एक रिंग बन जाएगी।

इसके बनने से जो वाहन खासकर भारी वाहन शहर के बीच से होकर जाते हैं, उन्हें शहर में दाखिल नहीं होने पड़ेगा। वे इस रिंग रोड के माध्यम से शहर में दाखिले हुए बिना ही जा सकेंगे।

जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे एक हजार करोड़ रुपये

अधिकारियों की तरफ से तैयार किए गए 3 हजार करोड़ रुपये के एस्टीमेट में से एक हजार करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे। हालांकि इसमें से 500 करोड़ रुपये का वहन प्रदेश सरकार करेगी। सड़क निर्माण के लिए करीब 270 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। वहीं सड़क निर्माण पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। यह रिंग रोड करीब 40 किलोमीटर लंबा होगा, जो गांव देवा से शुरू होकर तलवंडी राणा के पास खत्म होगा।

इन गांवों से गुजरेगा रिंग रोड



सूत्रों की मानें तो यह रोड गांव देवां से शुरू होकर कैमरी, भगाना, लाडवा से मैय्यड़ के पास नेशनल हाईवे 9 से जुड़ेगा। यहां से यह खरड़, नियाणा, मिर्जापुर, धांसू होते हुए तलवंडी राणा के पास एनएच 52 से जुड़ेगा।
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कई बार ठंडे बस्ते में गया प्रोजेक्ट

भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में यह प्रोजेक्ट कई बार ठंडे बस्ते में गया। पिछले कार्यकाल में रणबीर गंगवा डिप्टी स्पीकर के पद पर थे। इस दौरान उन्होंने एनएचएआई से इस रोड को बनाने की मांग की थी। इस पर एनएचएआई ने सर्वे करवाया लेकिन बाद में एनएचएआई ने यह कहते हुए इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था कि इस रोड पर वाहनों का बोझ है। इसके बाद एक बार फिर रणबीर गंगवा ने इस रोड का मुद्दा उठाया था लेकिन तब भी इस प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिल सकी थी।

रिंग रोड के लिए एस्टीमेट बनाकर भेज दिया है। बजट मिलते ही जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया जाएगा।

- विपिन मंगला, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआई।
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