दूसरे चरण के मतदान में सिवानी खंड के गांव गैंडावास और
मोहिला में वोटों को लेकर जमकर विवाद हुआ। इस दौरान एक जिला पार्षद
प्रत्याशी के भाई के साथ मारपीट भी की गई।
विवाद के बाद गैंडावास गांव में
मतदान करीब आधा घंटा तक प्रभावित रहा। गैंडावास गांव में विवाद की सूचना के
बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। विवाद करने वाले लोगों को मतदान केंद्र से
बाहर निकालने के बाद मामला शांत हुआ। अमर उजाला ने रविवार को गैंडावास गांव
में विवाद की आशंका पहले ही जता दी थी।
सिवानी खंड में चुनाव के समय विवाद का पहला मामला गांव गैंडावास में हुआ।
इस गांव में सरपंच और पंच का सर्वसम्मति से चुनाव हो गया था।
इसी गांव से
जिला पार्षद प्रत्याशी महिपाल सिवाच के समर्थन में वोट डालने की आशंका जताई
गई थी। यहां प्रशासन को शिकायत की गई थी कि कुछ दबंग लोग एक ही प्रत्याशी
के समर्थन में बिना किसी मतदाता के मतदान कर सकते हैं।
हालांकि प्रशासन की
तरफ से यहां पुख्ता प्रबंध किए गए थे कि गांव के प्रत्याशी के समर्थक और
दूसरे गांव के जिला पार्षद के भाई के बीच विवाद शुरू हो गया। जिला पार्षद
प्रत्याशी ओमप्रकाश श्योराण के भाई धनसिंह का आरोप है कि इस गांव के जिला
पार्षद समर्थकों ने वोट की गोपनीयता का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की।
वहीं इस गांव के जिला पार्षद प्रत्याशी महिपाल सिवाच ने गांव में किसी भी
तरह के तनाव अथवा विवाद से साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मतदान
शांतिपूर्वक ढंग से चल रहा है। सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस
बल गांव में पहुंच गया और विवाद करने वालों को मतदान केंद्र से खदेड़
दिया।
विवाद के दौरान गांव में करीब आधा घंटे तक मतदान बंद रहा। लोग भी
किसी विवाद की आशंका के चलते मतदान केंद्र से दूर रहे।
मामला शांत होने के
होने बाद मतदाता मतदान करने के लिए पहुंचे। इसी बीच मोहिला में भी परिवार
के वोट किसी दूसरे सदस्य की तरफ से डाले जाने पर विवाद हो गया। मतदान
केंद्र पर दो पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए और उनके बीच जमकर कहासुनी भी
हुई। बाद में पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया।