नारनौंद। मनरेगा सहयोग मंच के आह्वान पर 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को पेटवाड़, राजथल, मिलकपुर, राखी और गामड़ा गांवों में बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी को सैकड़ों मनरेगा मजदूर बीडीपीओ कार्यालय में एकत्र होकर प्रदर्शन करेंगे और शहर में मार्च निकालते हुए एसडीएम के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपेंगे।
ब्लॉक प्रधान प्रताप लोहारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने की साजिश कर रही है। जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने कहा कि प्रस्तावित नया कानून रोजगार की गारंटी को समाप्त करता है। फंड की उपलब्धता के आधार पर काम देने की व्यवस्था मजदूरों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने नहरों, राजवाहों और नालों की सफाई जैसे कार्य ठेकेदारों को सौंपे जाने की भी कड़ी आलोचना की।
वक्ताओं ने मांग की कि मनरेगा के तहत पूरे वर्ष काम उपलब्ध कराया जाए, मजदूरी 700 रुपये प्रतिदिन तय की जाए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को 25 लाख रुपये मुआवजा व एक सरकारी नौकरी दी जाए। बैठकों में शीशपाल, प्रदीप सिंह, मुकेश कुमार, संदीप नायक, जयभगवान, सत्यवान सिंह सहित अनेक मजदूर उपस्थित रहे।