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प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे : कार्यकारी अधिकारी से मिले याशी कंपनी के प्रतिनिधि, बोले-प्रिंट करवा लिए हैं असेसमेंट नोटिस, आपत्तियां लेने के लिए लगाएंगे हेल्प डेस्क

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हिसार। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे करने वाली कंपनी याशी के प्रतिनिधि वीरवार को कार्यकारी अधिकारी दीपक गोयल से मिले। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कार्यकारी अधिकारी को बताया कि उन्होंने टैक्स असेसमेंट नोटिस बांटने की तैयारी कर ली है। नोटिस प्रिंट करवा लिए हैं। कंपनी प्रतिनिधियों के मुताबिक नोटिस बांटने के बाद शहरवासियों से आपत्तियां लेने के लिए उनकी तरफ से हेल्प डेस्क लगाए जाएंगे। वहीं प्रॉपर्टी विवरण में गलती मिलने पर प्रॉपर्टी धारक नोटिस मिलने के 30 दिनों के अंदर उसे ठीक करवा सकेंगे।
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बता दें कि प्रदेश सरकार की तरफ से परिषदों व निगमों के प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे का टेंडर याशी कंपनी को दिया गया है। इसके तहत उक्त कंपनी को टैक्स सर्वे करने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भी बांटने हैं। पिछले वर्ष मार्च कंपनी ने शहर में प्रॉपर्टी टैक्स सर्वे का काम पूरा कर लिया था। इसके बाद से कंपनी ने निगम प्रशासन से किसी भी तरह का संपर्क नहीं किया। प्रॉपर्टी टैक्स के बिल न बंटने के कारण शहरवासी टैक्स जमा करवाने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं। आखिरकार पार्षदों की मांग पर निगम प्रशासन ने खुद ही टेंडर करके शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बंटवाने का फैसला किया। साथ ही यह भी तय हुआ कि बिल बंटवाने में जो खर्च आएगा, वह याशी कंपनी को किए जाने वाले भुगतान में काट लिया जाएगा। मगर जैसे ही याशी कंपनी को इसकी भनक लगी कि नगर निगम बिल बंटवाने के लिए अलग से टेंडर लगा रहा है तो वह तुरंत सक्रिय हो गए। उधर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने भी 2 फरवरी को सभी निगमायुक्त व उपनिगमायुक्त के साथ हुई बैठक में अप्रैल से नए प्रॉपर्टी टैक्स बिल बंटवाने के आदेश दिए थे। एजेंसी के अनुसार आपत्तियां लेने के लिए नगर निगम में तीन से चार हेल्प डेस्क की व्यवस्था की जाएगी।
एक ही एजेंसी ने किया आवेदन
उधर निगम प्रशासन की तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स बिल बंटवाने को लेकर लगाए गए टेंडर को लेकर एक ही एजेंसी ने आवेदन किया है। मगर इस टेंडर के रद्द होने की संभावना है, क्योंकि अब याशी कंपनी ही बिल बांटने की तैयार कर रही है। दूसरा एक कारण यह है कि टेंडर के लिए आवेदन करने वाली एजेंसी की संख्या एक ही है, जो कि निर्धारित संख्या कम है। बावजूद इसके अधिकारी टेंडर रद्द करने से पहले विचार विमर्श करेंगे।
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