हिसार। रेलवे स्टेशन पर पैनिक बटन दबाने पर अब सीधे रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) थाने में भी सायरन बजेगा। इसके लिए स्टेशन पर लगे पैनिक बटन सिस्टम में बदलाव किया जाएगा। साथ ही स्टेशन पर 14 और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें चेहरे पहचानने वाले कैमरे भी शामिल होंगे।
आरपीएफ के आला अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान इस संबंध में निर्देश दिए हैं। 24 अक्तूबर को आरपीएफ के मुख्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. बीसी मल्लिकार्जुन और बीकानेर के मंडल सुरक्षा आयुक्त बीपी कुशवाहा हिसार पहुंचे थे। उन्होंने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक पर लगे पैनिक बटन को भी देखा।
अधिकारियों ने सवाल उठाया कि बटन दबाने पर सायरन उसके पास ही बजता है, ऐसे में थाने में तैनात स्टाफ को आपात स्थिति की जानकारी कैसे मिलेगी। उन्होंने सायरन आरपीएफ थाने में भी लगाने के निर्देश दिए, ताकि सूचना मिलते ही कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच सकें।
रेलवे स्टेशन पर चाकू मारकर कर दी गई थी युवक की हत्या
23 अक्तूबर को फुटओवर ब्रिज पर सिरसा जिले के जोधकां निवासी युवक की मामूली बात पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इसी तरह की घटनाओं में यात्रियों को समय पर मदद मिल सके, इसके लिए पैनिक बटन सिस्टम में बदलाव किया जा रहा है।
सभी छह प्लेटफॉर्म पर लगेंगे पैनिक बटन
फिलहाल रेलवे स्टेशन पर केवल प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पैनिक बटन लगा है। योजना के तहत सभी छह प्लेटफॉर्म पर ये बटन लगाए जाने हैं। इनका उद्देश्य आपात स्थिति में यात्रियों तक तुरंत मदद पहुंचाना है।
स्टेशन पर लगेंगे 14 और सीसीटीवी कैमरे
रेलवे स्टेशन परिसर में फिलहाल 46 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अब 14 और कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें चेहरे पहचानने वाले कैमरे भी शामिल होंगे। ये कैमरे दोनों प्रवेश द्वारों, फुटओवर ब्रिज और प्लेटफॉर्म पर लगाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, चेहरे पहचानने वाले कैमरे अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में मददगार साबित होंगे। आरपीएफ अधिकारियों ने इन कैमरों को जल्द शुरू करवाने के निर्देश दिए हैं।
बचे हुए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा। पैनिक बटन लगाने में अभी समय लगेगा। आरपीएफ की ओर से थाने में सायरन लगाने के दिशा-निर्देश मिलने पर उच्च अधिकारियों से अनुमति लेकर यह काम करवाया जाएगा।
- सत्यवान लांबा, रेलवे प्रबंधक, हिसार रेलवे स्टेशन।