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Hisar News: पोर्टल बंद, आरसीएच आईडी बनाने का काम अटका, पोर्टल पर एक दिसंबर से ही दर्ज हो सकेगा विवरण

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हिसार। गर्भावस्था की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग हर माता को प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य (आरसीएच) कार्ड देता है। इसका विवरण ऑनलाइन रखने के लिए विभाग ने आरसीएच.02 नाम से नया वेब पोर्टल बनाया है। 15 नवंबर से बंद पोर्टल एक दिसंबर से शुरू होगा। इस कारण फिलहाल गर्भवतियों के टीकाकरण का रिकॉर्ड आयुष्मान भारत (आभा) आईडी में ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है।
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करीब पांच साल से आरसीएच आईडी ऑनलाइन बनाई जा रही है जबकि पहले यह कार्य ऑफलाइन ही होता था। इसके लिए आरसीएच.01 पोर्टल का प्रयोग किया जा रहा था लेकिन इसमें दर्ज मरीज को दूसरे जिले में जाने पर दूसरी आईडी बनानी पड़ रही थी। इससे एक जगह पंजीकृत गर्भवती की निगरानी प्रसव तक कराना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में अवैध गर्भपात यानी कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम का कार्य प्रभावित हो रहा था। इसके लिए प्रयुक्त होने वाले एमटीपी किट कई जगह पकड़े जाने से भी यह शक पुष्ट हो रहा था।
यह किट मिलने पर हांसी क्षेत्र में विभागीय एंबुलेंस का तकनीशियन और आजादनगर में एक झोलाछाप को भी पिछले दिनों काबू किया जा चुका है। तब से इस किट का प्रयोग सिविल सर्जन की निगरानी में ही किया जा रहा है।
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अब एक जिले में बनी आरसीएच आईडी दूसरे जिले या राज्य में भी प्रयुक्त की जा सकेगी। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षण कई चरणों में दिया जा चुका है। फिलहाल इस माह आभा आईडी को ही आरसीएच आईडी की तरह प्रयुक्त किया जा रहा है। - डॉ. तरुण कुमार, प्रभारी, एनएचएम, हिसार।

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बच्चों को नहीं मिल सकी विटामिन-ए की खुराक
हिसार। जिले के 58,000 बच्चों को विटामिन ए की खुराक नहीं मिल सकी है। विटामिन-ए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली और आंखों को स्वस्थ रखने में मददगार है। नौ माह के बच्चे को पहली बार एक ड्रॉप और पांच साल तक बच्चों को साल में दो बार दो-दो ड्रॉप दी जाती है। इसकी लागत मामूली होती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की धीमी खरीद और वितरण प्रक्रिया के कारण जिले के बच्चे दो माह से वंचित हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक आम, संतरा आदि ताजे रसीले फल, हरी सब्जी, पीली गाजर खाने से भी इसकी पूर्ति की जा सकती है। शहरवासी रमेश चंद्र, कुंदन, किशोर आदि अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चों को करीब आठ माह से इस दवा का इंतजार है। कई गर्भवतियों ने आरसीएच बुक भी न मिलने की बात कही है। जिला प्रतिरक्षण प्रभारी डॉ. अनिल पवार ने बताया कि करीब दो माह पहले इसकी मांग भेजी गई थी। आरसीएच बुक छप चुकी है। एक, दो दिन में सभी आशा और एएनएम तक इन्हें पहुंचा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विटामिन-ए की खरीद मुख्यालय स्तर से की जाती है। यह प्रक्रिया भी जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
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