बालसमंद नहर, जिसके पानी में एट्राजीन मिला है।
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हिसार। बालसमंद नहर से आपूर्ति किए जाने वाले पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान होने की जरूरत है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से करनाल की लैब में जांच के लिए दूसरी बार भेजे गए नहरी पानी के सैंपल में जहरीले तत्व एट्राजीन की पुष्टि हुई है। उधर, नहरी विभाग की तरफ से जलघरों को भरने के लिए शुक्रवार रात नहरों में साफ पानी छोड़ा जाएगा।
जनस्वास्थ्य विभाग ने कुछ दिन पहले कैमरी रोड के पास बालसमंद नहर और महावीर कॉलोनी जलघर के पास राणा माइनर से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए करनाल भेजे थे। रिपोर्ट में राणा माइनर के पानी के सैंपल ठीक मिले, जबकि बालसमंद नहर के पानी में कीटनाशक में मिलने वाला जहरीला तत्व एट्राजीन पाया गया। इस केमिकल के कारण महिलाओं में स्तन कैंसर व पुरुषों में प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है। बालसमंद नहर से तोशाम रोड, कैमरी रोड व आजाद नगर के जलघरों को पानी भंडारण किया जाता है
जलघरों से आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की नहीं करवा रहे जांच
नहरी पानी में बार-बार एट्राजीन मिलने के बाद भी अधिकारी पीने के लिए आपूर्ति किए जा रहे पानी की जांच नहीं करवा रहे हैं। वे सिर्फ नहरी पानी की जांच करवा रहे हैं। इससे यह तो पता चल रहा है कि नहरी पानी साफ नहीं है लेकिन यह नहीं पता चल रहा है कि घरों में आ रहा पानी कैसा है। चूंकि नहर से ही जलघरों को भरा जा रहा है तो जलघर के पानी में भी एट्राजीन के मिलने की आशंका है।
आज रात को नहरों में छोड़ा जाएगा साफ पानीनहरी विभाग की तरफ से शुक्रवार रात करीब 8 बजे नहरों में साफ पानी छोड़ा जाएगा ताकि जलघरों को भरा जा सके। वहीं शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने सभी सेक्टरों में नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी है। अभी तक सेक्टर 9-11 व 16-17 में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा था। जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी कैमरी रोड जलघर से एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
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बालसमंद नहर के पानी के सैंपल फिर से जांच के लिए भेजे थे। इसमें भी एट्राजीन मिला है। कैमरी रोड जलघर को छोड़कर बाकी सभी से नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
- आदर्श सिंगला, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग