हिसार। स्थानीय बस स्टैंड पर जाम से मुक्ति दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी हैं। दीवार तोड़ने पर मुहर लगने के बाद पीडब्ल्यूडी बीएंडआर व रोडवेज के स्थानीय अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। बस स्टैंड की दीवार तोड़ने से पहले दो पिलर, एक लोहे का गेट और एक चेक पोस्ट बनाई जाएगी। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी की ओर से 7.44 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर रोडवेज मुख्यालय को भेजा जा चुका है। अब रोडवेज से अनुमति मिलने के बाद ही पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की ओर से काम शुरू करवाया जाएगा।
पिलर, गेट और चेक पोस्ट बनने के बाद ही बस स्टैंड की दीवार तोड़कर ट्रायल बेस पर बसें निकाली जाएंगी। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों के अनुसार यदि बसें निकलने में कामयाबी मिलती है तो ही इंटरनल सेटअप करने का फायदा होगा। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन रजनीश कुमार का कहना है कि यदि फिजिबिलिटी बन जाती है। बसें चलने में कोई दिक्कत नहीं है तो बाद में इंटरनल सेटअप दोबारा से बनाया जाएगा। फिलहाल हमारा मकसद दीवार तोड़कर ट्रायल बेस पर बसें निकालना हैं। उसके बाद वर्कशॉप के अंदर की प्लानिंग दोबारा से की जाएगी।
सुरक्षा को ध्यान रख बाद में तोड़ी जाएगी दीवार
सुरक्षा को ध्यान रखते हुए बस स्टैंड की दीवार तोड़ने से पहले चेक पोस्ट, पिलर और गेट लगाया जाएगा। यहां बनने वाले गेट की हाइट 8 फुट होगी। रोडवेज अधिकारियों की ओर से मुख्यालय में भी अवगत कराया गया है। अब जल्द ही यहां काम शुरू होने की उम्मीद है। इसको लेकर लगातार पीडब्ल्यूडी बीएंडआर और रोडवेज अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है।
फरवरी माह में दीवार तोड़ने के लिए लगाई थी मुहर
फरवरी माह में चंडीगढ़ मुख्यालय में परिवहन मंत्री व स्थानीय शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने यहां के रोडवेज अधिकारियों के साथ बैठक ली थी। इस दौरान हिसार से रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल के अलावा अन्य अधिकारी भी साथ थे। काफी देर तक चली बैठक के बाद बस स्टैंड की दीवार तोड़कर बसें निकालने पर मुहर लगाई थी। मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद अब यहां के स्थानीय अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है।
बस स्टैंड पर एक नजर
- बस स्टैंड का निर्माण 11 अगस्त 1969
- बस स्टैंड की जमीन करीब 21 एकड़
- हिसार व हांसी सब डिपो 225 बसें
हमारी ओर से रोडवेज महाप्रबंधक को 7.44 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। अब हमें रोडवेज से अनुमति मिलने का इंतजार है। अनुमति मिलने के साथ ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। - रजनीश कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग, हिसार