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Paris Olympics: विवादों में फंसी अंतिम पंघाल ने जारी किया वीडियो, घटना से जुड़ी दी जानकारी; पिता बोले...

Thu, 08 Aug 2024 03:15 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)

सार

पहलवान अंतिम पंघाल ने वीडियो जारी अपना पक्ष रखा है। बताया कि मुकाबला हारने के बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जिसके बाद वह परमिशन लेकर होटल चली गई थी। जिसके बाद अपनी बहन को विलेज भेजा था। 
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पहलवान अंतिम पंघाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पहलवान अंतिम पंघाल ने विवादित घटना के बाद अपना वीडियो जारी किया है। जिसमें पहलवान ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उसने अपनी बहन को ओलंपिक विलेज में प्रवेश कराने के लिए अपनी मान्यता (अक्रीडिटेशन) का उपयोग किया था। अंतिम पंगाल ने बताया कि मुकाबला हारने के बाद उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। जिसके बाद वह परमिशन लेकर होटल चली गई थी। 

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अंतिम ने बताया कि जब वह होटल में पहुंचीं, तब उनकी तबीयत और बिगड़ गई थी और उसने अपना सामान लाने के लिए अपनी बहन को विलेज भेजा था। जिसके बाद उसकी बहन ने विलेज के अंदर जाने के लिए अंतिम का अक्रीडिटेशन दिखाया और सामान लेने की परमिशन मांंगी। जिसके बाद उसकी बहन को वेरिफिकेशन के लिए पुलिस स्टेशन लेकर जाया गया। वहीं, अंतिम ने स्पष्ट किया कि वह खुद पुलिस स्टेशन नहीं गई थीं और यह मात्र वेरिफिकेशन की प्रक्रिया थी।

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इसके साथ अंतिम ने कोच वाली घटना पर भी अपना पक्षा रखते हुए कहा कि भाषा की समस्या के कारण गाड़ी यानि कैब वाले के साथ कहासुनी हुई थी। अंतिम ने बताया कि जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत हैं। इसके साथ ही कहा कि उन्होंने मीडिया और जनता से अपील की है कि अफवाहें न फैलाएं और उनकी स्थिति को समझें।

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अंतिम के पिता बोले- मेरी बेटी की कोई गलती नहीं

पेरिस ओलंपिक में हिसार की कुश्ती खिलाड़ी अंतिम पंघाल के साथ हुए घटनाक्रम को लेकर पिता रामनिवास ने कहा कि उनकी अंतिम से बात हुई है। उसकी कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि अंतिम ने पूरी घटना के बारे में वीडियो जारी कर सफाई दी है। अमर उजाला से बातचीत में अंतिम पंघाल के पिता ने बताया कि उनकी बेटी परमिशन लेकर खेल गांव से बाहर होटल में आ गई थी, जहां उसकी फिजियो, कोच और छोटी बहन रह रही थी।

अंतिम की तबीयत खराब होने के कारण उसने अपनी बहन निशा को कहा कि मेरा कार्ड ले जा और खेल गांव से सामान ले आओ। जब निशा खेल गांव पहुंची तो उसे गेट पर ही रोक लिया गया। उसे मान्यता कार्ड की वेरिफिकेशन के लिए पुलिस थाने ले जाया गया। उसको गिरफ्तार कर लेने जैसी कोई बात नहीं थी। वेरिफिकेशन के लिए ही ले जाया गया था। यह काम होने के बाद निशा को होटल भेज दिया था। मेरी अंतिम के कोच से भी बात हुई थी।

कैब के किराये को लेकर हुई थी बातचीत

रामनिवास ने बताया कि उनकी बेटी ने होटल जाने लिए कैब की थी। कैब चालक ने 13 यूरो मांगे, लेकिन उसके पास सात ही यूरो थे। कोच और उसने कहा कि आप थोड़ी देर रुको होटल से आपको 6 यूरो और लाकर देते हैं। इतनी देर में पुलिस आ गई। कैब चालक ने अपने बचाव के लिए पुलिस को बताया कि ये किराया नहीं दे रहे हैं और नशा कर रखा है। कैब चालक ने अपनी भाषा पुलिस को बताया, जिसे अंतिम के कोच को समझने में कठिनाई हुई। भाषा समझ में नहीं आने के कारण यह विवाद हुआ।
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फेडरेशन के खर्च पर नहीं गई थी बेटी

अंतिम पंघाल के पिता ने बताया कि बेटी निशा फेडरेशन के खर्चे पर पेरिस नहीं गई थी। अंतिम के साथ एक फिजियो व दो कोच जाने थे। मुझे 15 दिन पहले पता चला कि अपना तो कोई नाम ही नहीं है। फिर मैं पीटी उषा से मिला, उन्होंने मेरी बात सुनी। मैंने कहा कि 5 दिन पहले जाएंगे तो साथ में कोई पार्टनर भेजो। उन्होंने कहा, एक लेटर निकलवा दो, ताकि उनके साथ किसी को भेजा जा सके। उस लेटर के जरिए वीजा लग जाएगा। इस पर उन्होंने साई के जरिए पत्र बनाया, जिसमें उल्लेख था कि जो खर्चा होगा वह साई देगा, लेकिन बाद में साई वालों ने कहा, एक बार तुम टिकट बनवा दो, पैसे बाद में हम दे देंगे।
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