हिसार। प्याज की कीमतों पर मौसम की मार पड़ी है और इसका असर सीधे रसोई के बजट पर दिखने लगा है। महाराष्ट्र में तेज बारिश के कारण नासिक से प्याज की आपूर्ति करीब एक माह से प्रभावित है। हिसार सब्जी मंडी में आवक आधी रह गई, लेकिन मांग जस की तस है।
नतीजा यह कि प्याज के दाम करीब दोगुने हो गए हैं। बाजार में आपूर्ति संभालने के लिए राजस्थान के सीकर पर निर्भरता बढ़ गई है। सामान्य दिनों में हिसार मंडी में रोजाना करीब 300 क्विंटल प्याज पहुंचती थी। अब यह घटकर करीब 150 क्विंटल रह गई है। फिलहाल करीब 90 प्रतिशत प्याज सीकर से आ रहा है।
नासिक के प्याज का थोक भाव करीब 42 रुपये और सीकर के प्याज का भाव करीब 36 रुपये प्रति किलो है। छोटे दुकानदारों के यहां यही प्याज 60 से 70 रुपये किलो तक बिक रहा है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
नासिक की सप्लाई कमजोर पड़ने के बाद सीकर से प्याज मंगाई जा रही है। मंडी में आने वाला करीब 90 प्रतिशत प्याज अब वहीं से पहुंच रहा है। महाराष्ट्र में बारिश के कारण नासिक की आपूर्ति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।
सब्जी मंडी सुपरवाइजर रमेश कुमार ने बताया कि मंडी में पिछले एक माह से प्याज की आवक घट रही है। महाराष्ट्र में तेज बारिश के कारण नासिक से सप्लाई प्रभावित है। पहले रोजाना करीब 300 क्विंटल प्याज आता था, जो अब 150 क्विंटल रह गया है। आवक कम और मांग अधिक होने से भाव बढ़े हैं। अब करीब 90 प्रतिशत प्याज सीकर से पहुंच रहा है।
मार्केट कमेटी के सचिव भरत शर्मा ने बताया कि टीम प्याज का स्टॉक करने वालों पर नजर रख रही है। आढ़तियों से अनावश्यक भंडारण न करने और बाजार में नियमित आपूर्ति बनाए रखने की अपील की जा रही है। संवाद