हिसार। शहर के सेक्टर-14 पार्ट टू में पार्कों के विकास का मामला एक बार फिर अटक गया है। विकास कार्यों के लिए टेंडर में सबसे कम दर भरने वाली एजेंसी ने मोलभाव करने से साफ इन्कार कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि वह टेंडर में भरे गए रेट से कम पर कार्य नहीं कर सकती। यदि एजेंसी नहीं मानती है तो अधिकारियों को एक बार फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी पड़ेगी, जिससे काम में और देरी हो सकती है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा पहली बार टेंडर जारी करने पर किसी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया था। दूसरी बार सबसे कम रेट देने वाली एजेंसी मोलभाव के लिए बुलाने के बावजूद नहीं आई। इसके बाद तीसरी बार अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की, यह भी सिरे नहीं चढ़ी।
8 साल से पार्कों के विकसित होने का इंतजार
वर्ष 2017 में सेक्टर-14 पार्ट टू के प्लॉट का मालिकाना हक प्लॉटधारकों को दिया था। विभाग की तरफ से सेक्टर में छह पार्कों का प्रावधान किया गया है। मगर 8 साल बाद तक भी इनमें से एक भी पार्क को विकसित नहीं किया गया। यहीं नहीं विभाग ने पार्क के सामने वाले प्लॉटधारकों से पार्क का अतिरिक्त शुल्क भी वसूला था। सेक्टरवासी लंबे समय से इन पार्कों को विकसित करने की मांग कर रहे थे।
70.92 लाख रुपये आएगी लागत
टेंडर के तहत इन पार्कों की ग्रिल के साथ चहारदीवारी और घूमने वाले गेट लगाने का कार्य किया जाएगा। कार्य पूरा होने के तीन साल तक ठेका लेने वाली एजेंसी को इसका निशुल्क रखरखाव भी करना होगा। एजेंसी को चार माह में इस कार्य को पूरा करना होगा। इन पार्कों को विकसित करने पर करीब 70.92 लाख रुपये की लागत आएगी।
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एजेंसी ने मोलभाव करने से मना कर दिया है। हालांकि अभी एजेंसी से बातचीत की जा रही है। उच्चाधिकारियों से विचार विमर्श कर आगामी फैसला लिया जाएगा। - निधि भारद्वाज, एक्ससईएन, एचएसवीपी
बार-बार टेंडर लगाने के बाद भी कोई ठेकेदार काम नही ले रहा तो यह साबित हो जाता है कि रेट कम है। उचित रेट तय कर टेंडर देकर जल्द पार्क बनवाए जाएं। - प्रवीण सिंघल, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 14 पार्ट टू