हरियाणा के हिसार में दूरदर्शन केंद्र में अब प्रोग्राम नहीं बन सकेंगे। यहां प्रोग्राम स्टाफ के 7 में से 6 सदस्यों का तबादला कर दिया गया है। इनमें हिसार दूरदर्शन केंद्र के असिस्टेंट डायरेक्टर से लेकर कैमरामैन, फ्लोर असिस्टेंट तक शामिल हैं। हिसार दूरदर्शन ही नहीं, हिसार, रोहतक और कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र को भी चंडीगढ़ कलस्टर के अधीन करने की तैयारी है। इस फैसले से हिसार के रंगकर्मी और साहित्यकार काफी निराश हैं। राजनेताओं ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले पर विरोध जताया है।
मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा कि दूरदर्शन केंद्र को बंद करने की तैयार चल रही है। मैं कलाकार हूं, कलाकारों की ओर से बोल रहा हूं। मैं चाहता हूं कि यह बंद न हो। हम रंगमंच के कलाकारों को अच्छे अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे कोरोना के मुसीबत के समय में कलाकारों की हालत खराब है। ऐसे में यह फैसला दुखद है। कृषि को आगे बढ़ाने में भी हिसार दूरदर्शन की अहम भूमिका है। हिसार दूरदर्शन केंद्र से काफी लोगों की रोजी रोटी जुड़ी है। मेरी गुजारिश है कि सीएम मनोहरलाल इस बारे में संज्ञान लें। - यशपाल शर्मा, अभिनेता
दूरदर्शन केंद्र हिसार बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इस केंद्र में करीब 11 साल समाचार संपादक से समाचार निदेशक के पद पर रहा। हरियाणा का दूरदर्शन केंद्र देश में सबसे आखिरी में बना था। बंद होने की सूची में यह सबसे पहला बन गया है। इसका कार्यकाल 20 साल भी पूरा नहीं हो सका। हरियाणा की संस्कृति रोहतक, हिसार, भिवानी में है। हरियाणवी संस्कृति चंडीगढ़ में नहीं है। मैं सीएम मनोहरलाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से अनुरोध करूंगा कि इस पर पुनर्विचार करें और इस केंद्र को बचाएं। - अजीत सिंह, पूर्व समाचार निदेशक हिसार
पिछले 20 साल से हिसार दूरदर्शन राज्य की संस्कृति एवं कला का मंच बना हुआ था। जिसका प्रसारण समय भी एक से बढ़ाकर चार घंटे किया गया। इसके बजट में लगातार कैंची चलाई गई। जिस कारण प्रोग्राम की संख्या कम होती रही। अब इसे मात्र प्रसारण केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया से बहुत दुख पहुंचा है। यह दुखद फैसला होगा। इस केंद्र को बचाए रखने के लिए राज्य के कलाकारों, साहित्यकारों, रंगकर्मियों को आगे आना होगा। यह एकमात्र दूरदर्शन केंद्र था जो राज्य के लोगों के लिए विश्वनीय काम कर रहा था। - कमलेश भारतीय, पूर्व उपाध्यक्ष, हरियाणा ग्रंथ अकादमी
भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार केंद्र सरकार के हर गलत फैसले को मूक बन कर सहयोग कर रही है। हिसार दूरदर्शन केंद्र को बंद कर प्रदेश की संस्कृति पर हमला किया जा रहा है। इस केंद्र के कारण हिसार की विशेष पहचान थी। इससे हरियाणा की संस्कृति के साथ यहां के कलाकार, लेखक भी प्रभावित होंगे। - रणदीप सिंह सुरजेवाला, राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस
हिसार दूरदर्शन केंद्र उपप्रधानमंत्री स्वर्गीय ताऊ देवीलाल का सपना था। उनकी स्मृति में तात्कालिक प्रधानमंत्री अटल बिहारी ने इसे स्वीकृत किया था। हिसार केंद्र से खिलाड़ियों, कृषि, साहित्य के कार्यक्रम लगातार प्रसारित होते रहे हैं। हरियाणवी संस्कृति का इसके जरिये अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिली। इस केंद्र को बंद किया जाना हरियाणा की संस्कृति पर हमला है। - अभय सिंह चौटाला, विधायक एवं प्रधान महासचिव इनेलो