हिसार। हांसी-महम रेललाइन के लिए शेष जमीन के टुकड़ों का अधिग्रहण तीन से चार महीने में पूरा हो जाएगा। राजस्व विभाग की ओर से इसके लिए अधिसूचना जारी की जा चुकी है। रेलवे ने वन विभाग की जमीन के लिए भी केंद्र सरकार को रिमाइंडर भेजा है। जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण इस रेलवे लाइन का काम बीते दो साल से रुका हुआ है।
इस रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण 2013 से 2017 तक किया गया था। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जिला राजस्व अधिकारी रोहतक की ओर से की गई थी। तब अधिकारियों की गलती से 20 स्थानों पर कुछ जमीन अधिग्रहण के दायरे से बाहर रह गई थी। जिस कारण जमीन के मालिकों को मुआवजा नहीं मिल सका। ऐसी करीब 5 से 6 एकड़ जमीन ही है। प्रोजेक्ट के लिए महत्वपूर्ण होने के कारण यह जमीन मिलने के बाद ही काम पूरा हो सकेगा। राजस्व विभाग की ओर से ऐसी जमीन की पहचान कर अधिग्रहण के लिए राज्यपाल की अनुमति के लिए पिछले साल भेजा गया था। राज्यपाल की ओर से सहमति मिलने के बाद अब जमीन अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी की गई है। यह प्रक्रिया तीन माह में पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद जमीन रेलवे के लिए उपलब्ध हो जाएगी। 68.5 किलोमीटर लंबी इस रेललाइन पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था। 31 जुलाई 2013 को केंद्रीय रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने तात्कालिक सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में आधारशिला रखी थी। रेलवे ने 143 करोड़ रपये मंजूर किए थे। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।
2019 में पूरा होना था काम...
रेलवे ट्रैक बिछाने का काम 2017 में शुरू हुआ। जिसके लिए जून 2019 तक का समय तय किया गया था। भूमि अधिग्रहण नहीं होने से ट्रैक का काम पूरा नहीं हो पा रहा। ट्रैक बिछाने का 98 फीसदी काम कर लिया गया है।
चार स्टेशन, चार हॉल्ट स्टेशन होंगे...
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से हिसार-रोहतक सीधी रेल लाइन से आपस में जुड़ जाएंगे।रोहतक-महम-हांसी के बीच बिछाए जा रहे रेलवे ट्रैक पर पांच क्रॉसिंग स्टेशन मोखरा, मदीना, महम, मुंढाल और गढ़ी बनाए हैं। बहुअकबरपुर, खरकड़ा, बलंभा, सोरखी में हॉल्ट स्टेशन होंगे।
कुछ संख्या छूट जाने के कारण जमीन अधिग्रहित नहीं हो सकी थी। अब मुख्यालय से अनुमति लेकर अधिसूचना जारी की जा चुकी है। नियमों के अनुसार जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाएगा। तय समय के बाद जमीन रेलवे को उपलब्ध हो जाएगी। - बिजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, हिसार
जमीन अधिग्रहण के कारण काम रुका हुआ था। जब जमीन मिल जाएगी तो काम पूरा हो जाएगा। रेलवे ट्रैक का काम पूरा होने के बाद रेलवे की ओर से रेलवे की ओर से मानकों की जांच की जाएगी। - संजय श्रीवास्तव, डीआरएम, बीकानेर रेलवे मंडल