हिसार। रोडवेज में दिन-प्रतिदिन बसों की संख्या घटती जा रही है। रोडवेज ने अब 16 बसें और कंडम घोषित कर दी है। वहीं, दो साल से एक भी नई बस हिसार डिपो में शामिल नहीं हुई है। हालांकि रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इस माह 12 नई बसें मिलने की उम्मीद है। इन बसों को दिल्ली, चंडीगढ़ सहित अन्य लंबे रूटों पर दौड़ाया जाएगा।
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार अभी तक हिसार और हांसी सब डिपो में 175 बसें लोकल व लंबे रूटों पर चल रही थी। इनमें से अब 16 बसें और कंडम कर दी गई। रोडवेज में वर्ष 2020 के बाद एक भी बस नहीं आई है।
बता दें, कि चंडीगढ़ मुख्यालय से कुछ दिन पहले एक कमेटी आई थी। इस दौरान कमेटी ने फिजिकल बसों को चेक किया। टीम की ओर से 16 बसें कंडम की गई। फिलहाल इन बसों को वर्कशॉप में खड़ा किया गया है। अब नई बसें आने के बाद ही यात्रियों को लंबे रूटों पर बसों की सुविधा मिलेगी। उधर, इलेक्ट्रिक बसों को लेकर भी मुख्यालय स्तर पर बातचीत चल रही है। रोडवेज महाप्रबंधक की ओर से 35 एसी और 65 नॉन एसी इलेक्ट्रिक बसों का प्रपोजल मुख्यालय भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें भी रोडवेज को मिलेंगी।
रोजाना 10 हजार से ज्यादा यात्रियों का आवागमन
बस स्टैंड पर रोजाना 10 हजार से ज्यादा यात्रियों का आवागमन रहता है। लोकल रूट से लेकर लंबे रूटों पर यात्री सफर करते हैं, मगर यात्रियों की दिन-प्रतिदिन संख्या बढ़ रही और बसों की कम हो रही है। यहां तक कि लोकल रूटों पर बसों की सुविधा नहीं मिलने के कारण ग्रामीण और विद्यार्थी कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
जानिए... कब आई थी रोडवेज में बसें
वर्ष बस
2019 2
2020 2 किमी. स्कीम वाली
2020 9 पिंक मिनी
16 बसों को कंडम घोषित किया जा चुका है। फिलहाल बसों को लेकर कोई परेशानी नहीं है। जैसे-जैसे हमारे पास डिमांड आ रही है वैसे-वैसे रूटों पर बसों का संचालन कराया जाएगा। नई बसें आने के बाद समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। - अनिल चोपड़ा, कार्यकारी यातायात प्रबंधक