हरियाणा के तोशाम में डाडम पहाड़ पर क्षेत्र को लेकर वन और खनन विभाग के बीच फंसा पेंच वीरवार को भी नहीं सुलझ पाया। दोनों विभागों के अधिकारी अपने-अपने पहले वाले स्टैंड पर कायम रहे।
करीब चार साल से बंद खनन पर रोक हटने के बाद खनन विभाग ने माइनिंग कराने की तैयारी की है।
खनन विभाग के नोटिफिकेशन के तहत जिले में खनन के लिए पहाड़ों की बोली 30 दिसंबर को लगाई जाएगी।
शुरुआती चरण में 316 हेक्टेयर में खनन शुरू करने की योजना है। इसमें डाडम के पहाड़ का 59.60 हेक्टेयर हिस्सा शामिल है।
डाडम पहाड़ पर पांच दिसंबर को विवाद तब सामने आया जब डीसी समेत जिले के अन्य अधिकारी और वन विभाग अफसर चंडीगढ़ से पहाड़ पर पहुंचे।
नोटिफिकेशन में खनन के लिए डाडम पहाड़ का 59.60 हेक्टेयर हिस्सा अधिकृत किया गया है।
नोटिफिकेशन के बाद दोनों विभाग के अधिकारी अपने-अपने हिस्से को लेकर सक्रिय हुए।
वन विभाग ने डाडम पहाड़ी में खनन विभाग का 32 हेक्टेयर बताया और अपना हिस्सा 47 हेक्टेयर बताया।
पांच दिसंबर को डीसी समेत अनेक अधिकारियों ने मौका मुआयना कर स्थिति का जायजा लिया था।
इसके बाद 6-7 दिसंबर को भी वन विभाग और खनन विभाग की टीम विवाद निपटाने के लिए दिनभर पहाड़ी में पत्थरों को नापते रहे। इसी दौरान डीसी ने एडीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई।
दोनों विभागों में तीन-तीन दौर की मीटिंग होने के बावजूद मामला ज्यों का त्यों बना रहा।
इसके बाद चंडीगढ़ में हुई मीटिंग में विभागों के वित्त आयुक्त एवं सचिव समेत कई अधिकारी थे। जिले से डीसी-एडीसी थे।
कोई निष्कर्ष नहीं निकलने के बाद पांच शीर्ष अधिकारियों की कमेटी बनाई गई। कमेटी में डीसी व एडीसी को भी शामिल किया गया।
वीरवार दोपहर बाद अतिरिक्त उपायुक्त सुजान सिंह, माईनिंग इंजीनियर पीके शर्मा, चंडीगढ़ से कंजरवेटर डी हेंब्रम व विनोद झांझडिया के अलावा एसडीम अजय चोपडा, जिला खनन अधिकारी राजेंद्र यादव, डीएफओ आरके भाटिया, बीडीपीओ सीताराम समेत कई अधिकारी डाडम पहाड़ी पंहुचे और देर शाम तक पहाड़ में नापतोल में लगे रहे।
मामले में अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं लेकिन सूत्रों की मानें तो 15 हेक्टेयर का पेच अभी भी फंसा हुआ है। वन अधिकारी 47 हेक्टेयर पर अड़े हुए हैं।
माइनिंग इंजीनियर पीके शर्मा ने बताया कि पहाड़ में मौका देखा गया है। इस मामले में डीसी के साथ मीटिंग में फैसला होगा।
उधर जिला वन अधिकारी आरके भाटिया ने बताया कि शीर्ष अधिकारियों ने एरिया देखा है, उच्च अधिकारी बैठक में फैसला लेंगे।