ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क की ओर से गुरु रविदास छात्रावास में जारी दो दिवसीय परिचर्चा बुधवार को संपन्न हो गई। परिचर्चा के अंतिम दिन हाल ही में हुई दलित उत्पीड़न और दलित महिलाओं के खिलाफ हुई यौन हिंसा की घटनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। परिचर्चा में पीड़ित परिवारों ने प्रशासन और पुलिस के नकारात्मक रवैये पर ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क से संबंधित विदेशी प्रतिनिधियों के सामने अपनी व्यथा व्यक्त की।
इंग्लैंड से आए जॉन ग्रिफिन ने कहा कि हमारे लिए यह सोचना भी मुश्किल है कि 21वीं सदी में इंसानों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार हो रहा है। परिचर्चा में आई ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क की नेशनल कॉर्डिनेटर जिली जिलना ने कहा कि हरियाणा में विशेषकर दलित महिलाओं के साथ हो रही यौन हिंसा का मामला बहुत गंभीर है। ऐसा लगता है कि दलित महिलाओं को आधुनिक शिक्षा से रोकने के लिए एक साजिश रची जा रही है।
डेविड कदम ने कहा कि हरियाणा में दलित उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे हैं, क्योंकि दलित हर स्तर पर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। जिसकी प्रतिक्रिया स्वरूप दबंगों द्वारा दलितों के खिलाफ आगजनी और गैंगरेप की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।
नेटवर्क के प्रदेश संयोजक एडवोकेट रजत कल्सन ने कहा कि नेटवर्क कानूनी लड़ाई लड़ने में विश्वास रखता है और उसकी प्रतिबद्धता हरियाणा में दलित पीड़ितों को हर संभव न्याय दिलाने की है। इसके लिए हरियाणा में दलित एक्टिविस्टों और दलित अधिवक्ताओं का एक नेटवर्क तैयार करने की तैयारियां चल रही है। इसी संदर्भ में हरियाणा में प्रारंभिक तौर पर हिसार और पानीपत में दो जोनल कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
तीन पोस्टमार्टम पर न्याय नहीं
बनियाखेड़ा कांड की पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी लड़की का दुराचार के बाद कत्ल किया गया। प्रशासन की जानबूझ कर की गई लापरवाही के विरोध में सप्ताह भर हुए प्रदर्शन के बाद ही उसकी लड़की के तीन बार पोस्टमार्टम हुए, लेकिन अभी तक उसे न्याय नहीं मिला है।
पुलिस ने नहीं सुनी पुकार
दुधवा गैंगरेप कांड की पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी नाबालिग लड़की के साथ स्कूल के दो अध्यापकों ने महीनों दुराचार किया और जब वह गर्भवती हो गई तो दो महिलाओं की मदद से उसका गर्भपात करवा दिया। पीड़िता ने मैजिस्ट्रेट और पुलिस के सामने आरोपियों के नाम बताए, लेकिन फिर भी पुलिस ने उन्हीं के गांव के कुछ दलित लड़कों को गिरफ्तार कर दिया ताकि आरोपी दबंग जाति के अध्यापकों को बचाया जा सके।
बयान न देने के लिए धमकाया
हांसी में दलित नाबालिग लड़की के साथ रेप की घटना पर पीड़ित परिवार ने बताया कि उनकी लड़की को गांव के ही एक उच्चजाति के युवक ने नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा किया और करीब एक पखवाड़े तक उससे दुराचार किया। लड़की की बरामदगी होने पर पुलिस की ही एक महिला कर्मचारी ने उसे सही बयान न देने के लिए धमकाया। समाज के लोगों के प्रदर्शन के बाद ही लड़की का मेडिकल हुआ।
आरोपी की गिरफ्तारी आज तक नहीं
निगाणा दलित छात्रा रेप कांड के पीड़ित परिवार ने बताया कि उनकी लड़की के साथ स्कूल में ही संस्कृत अध्यापक ने दुराचार किया, लेकिन पुलिस ने इतने दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया।