दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने इलेक्ट्रिीसिटी ड्यूटी की 20 करोड़ रुपये जमा न करने पर बृहस्पतिवार को जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड का बिजली कनेक्शन काट दिया।
मामला कोर्ट में चल रहा था। निजली अदालत ने पहले ही जेएसएल को भुगतान का फैसला सुनाया था। जिला अदालत ने इस फैसले को बरकार रखा था
ये था मामला
डीएचबीवीएन ने 7 जुलाई 2010 को दिल्ली रोड स्थित जेएसएल को नवंबर 2009 से जुलाई 2010 के बीच का ईडी चार्ज जमा करने का नोटिस भेजा। इस बीच इंडस्ट्री पर 1 करोड़ 93 लाख रुपये का ईडी बकाया था। जेएसएल ने चुनौती देते हुए निचली अदालत में दावा दायर कर दिया।
दावे में कहा गया कि दो राज्यों के बीच बिजली की खरीद के मामले में राज्य सरकार ईडी चार्ज नहीं ले सकती यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है। सिविल जज रजत वर्मा ने निगम के पक्ष में फैसला सुना दिया था। इस फैसले के बाद जेएसएल ने इस मामले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी।
अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज राजकुमार यादव ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। इस मामले में बिजली निगम के सिटी एक्सईएन एसएस सांगवान ने कहा कि ईडी बकाया मामले में जिंदल स्टेनलस का कनेक्शन काटा गया है।