हिसार। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों ने शुक्रवार को जिले के स्वास्थ्य केंद्रों की रिपोर्ट पर समीक्षा बैठक के दौरान कई खामियां गिनाईं। इसके लिए जिम्मेदारी अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
जीजेयू के सभागार में आठ घंटे की मैराथन बैठक में अधिकारियाें ने एक-एक बिंदु पर रिपोर्ट मांगी। एनएचएम के एमडी ने डॉ. आरएस ढिल्लो ने स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को खड़े कर सवाल पूछे। बंद कमरे में बुलाई गई बैठक में अधिकारियों को लापरवाही के लिए लताड़ भी पड़ी। चंडीगढ़ से आए एनएचएम अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। 26 सदस्यीय टीम मंगलवार को जिले में पहुंची थी और पांच-पांच सदस्यों के ग्रुप बनाकर स्वास्थ्य केंद्रों में जांच के लिए भेजा गया। मंगलवार, बुधवार और वीरवार को हांसी, हिसार, उकलाना, बरवाला, नारनौंद क्षेत्र के सब डिविजनल अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी का दौरा कर बारीकी से निरीक्षण किया। रिपोर्ट में उपचार के तौर-तरीके, दवाओं का विवरण, जन्मदर, लिंग अनुपात, आशा वर्करों का काम, डिलीवरी की स्थिति, भवन की मौजूदा हालत, उपचार के यंत्र रखने के तरीके, साफ-सफाई का जिक्र किया गया। बैठक में सीएमओ, पीएमओ, डिप्टी सीएमओ, एमओ, फार्मेसी ऑफिसर, नर्सिंग ऑफिसर और अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों के मुखिया को बुलाया गया। इस दौरान हर केंद्र में मिली खामियों को स्लाइड के जरिए दिखाया गया। बैठक में एनएचएम के निदशक डॉ. वीरेन्द्र यादव, डीजी कुलदीप के अलावा सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, डॉ. प्रभुदयाल, डॉ. सुभाष खतरेजा, डॉ. तरुण, समेत सब डिविजनल अस्पताल और सीएचसी व पीएचसी. के प्रभारी मौजूद थे।