यूपी के कन्नौज और मैनपुरी के ध्यानार्थ
संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत की अदालत ने नीतू हत्याकांड में दहेज के लिए हत्या करने के दोषी पति सैनियान मोहल्ला निवासी कुलदीप, ससुर राधेश्याम और सास श्यामा देवी को 15-15 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सजा के अलावा पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर 20 दिन तक अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इस संबंध में शहर थाना पुलिस ने 28 मार्च 2019 को दहेज हत्या का केस दर्ज किया था।
पुलिस की प्राथमिकी के अनुसार शहर थाना पुलिस को दिए गए बयान में उत्तर प्रदेश के कन्नौज के रहने वाले बिमलेश ने बताया था कि वह गुरुग्राम में प्राइवेट नौकरी करता है। 27 अप्रैल 2018 को चचेरी बहन नीतू की शादी यूपी के जिला मैनपुरी के गांव खजुरिया निवासी कुलदीप पुत्र राधेश्याम के साथ की थी। कुलदीप का परिवार 16-17 साल से हिसार के सैनियान मोहल्ला में रह रहा है। ससुरालजन उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। शिकायतकर्ता ने बताया था कि बहन नीतू ने फोन कर बताया था कि उसे यहां से ले जाओ नहीं तो ससुरालजन मार देंगे। अगले दिन बहनोई कुलदीप ने बताया कि नीतू अस्पताल में दाखिल है। जब हम अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि ससुरालजनों ने दहेज के लिए नीतू की हत्या कर दी है और वे बिना पोस्टमार्टम करवाए बस अड्डे के पास श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार करने वाले हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। श्मशान घाट में पहुंचे तो कुलदीप व राधेश्याम वहां से भाग गए। नीतू के गले पर चोट के निशान मिले थे। इसके बाद पुलिस ने पति कुलदीप, ससुर राधेश्याम, सास श्यामा देवी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था ।
पुलिस ने पहले ससुर को मामले से बाहर निकाल दिया था
एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने आरोपी ससुर को मामले से बाहर निकाल दिया था। उसके खिलाफ धारा 319 की एप्लीकेशन लगाई थी। बाद में पुलिस ने उसे आरोपी बनाया था। दहेज हत्या में ज्यादा से ज्यादा सात साल की सजा सुनाई जाती, लेकिन परिजनों को बिना बताए ससुराल पक्ष वाले शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लेकर गए थे। इस बात को बहस के दौरान प्रमुखता से रखा था और अदालत ने दोषियों को 15-15 साल की सजा सुनाई है।