हांसी। पहली बार हांसी नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव शहर की जनता सीधे तौर पर चुनेगी। हांसी नगर परिषद की चुनाव की तारीखों का अभी ऐलान नहीं हुआ, जबकि नपा चेयरमैन का चुनाव लड़ने वाले भाजपा व कांग्रेस के नेता टिकट को लेकर अपने आकाओं की हाजिरी लगानी शुरू कर रखी है। इसके साथ हांसी शहर में नुक्कड़ सभाओं का दौर भी शुरू हो गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नपा चुनाव अप्रैल में हो सकते हैं।
बता दें कि दो माह पूर्व नगर परिषद चेयरमैन सीट को लेकर ड्रॉ निकाला गया था, जो ओपन के नाम निकला था। इसके साथ ही यह तय हो गया कि अब किसी भी वर्ग का व्यक्ति चेयरमैन का चुनाव लड़ सकता है। इस बार पहली दफा ऐसा होगा जब शहर की जनता सीधे चेयरमैन का चुनाव करेगी। हालांकि पार्षदों का ड्रॉ पहले ही निकल चुका है कि किस-किस वार्ड में कौन से वर्ग की महिला या व्यक्ति चुनाव लड़ेगा। इससे पहले 22 मई 2016 को नगर परिषद के चुनाव हुए थे। उसके बाद 22 जून 2016 को पार्षदों व चेयरपर्सन व डिप्टी चेयरपर्सन ने शपथ ली थी।
चुनाव 7 माह हो चुका है लेट
राज्य चुनाव आयोग ने नगर परिषद चुनाव को लेकर तैयारी अप्रैल में ही शुरू कर दी थी। नियमानुसार परिषद भंग होने के छह महीने के अंदर चुनाव हो जाने चाहिए। मगर 7 महीने से ऊपर तक समय हो चुका है। हालांकि विशेष परिस्थितियों में राज्य सरकार चुनाव को टाल सकती है। अब कोरोना के घटते संक्रमण को देखते हुए सरकार चुनाव जल्द करवा सकती है।
नगर परिषद चेयरमैन में सैनी व पंजाबी समाज का रहा दबदबा
हांसी नगर परिषद चेयरमैन की कुर्सी पर सैैनी व पंजाबी समाज का दबदबा रहा है। पूर्व मंत्री अत्तर सिंह के कार्यकाल में रामकुमार सैनी नगर परिषद के चेयरमैन रहे। वहीं 2016 में निर्मला सैनी चेयरपर्सन रहीं, जिनका कार्यकाल 22 जून को समाप्त हुआ। इससे पहले पूनम इलावादी 2005 में नगर परिषद की चेयरपर्सन बनीं। मगर उनका कार्यकाल ज्यादा नहीं चल सका। पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद तत्कालीन मंत्री एसी चौधरी की समर्थक पिंकी गाबा 2007 से 2010 तक चेयरमैन की कुर्सी पर काबिज रहीं। वर्ष 2010 से लेकर 2015 तक रीता शर्मा नगर परिषद की चेयरमैन बनीं। वहीं इनेलो राज में जैन समाज से अशोक वकीला चेयरमैन बने। हांसी नगर परिषद में लगातार कोई चेयरमैन नहीं बना।
शहर में करीब 65 हजार वोटर
शहर में करीब 65 हजार वोटर हैं। वहीं शहर में कुल 27 वार्ड हैं। इनमें से आगामी चुनाव के लिए 9 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिए गए हैं। वार्ड 1 व 27 एससी वर्ग की महिला के लिए होगा। इसके अलावा 4, 10, 12, 16, 17, 21 व 22 वार्ड आरक्षित हैं। वहीं 19, 26 व 11 वार्ड एससी ओपन हैं, वहां पर एससी वर्ग का कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ सकता हैं।
नप में एसडीएम प्रशासक
22 जून को नगर परिषद भंग हो गई थी। उसके बाद एसडीएम डॉ. जितेंद्र अहलावत ने 23 जून को बतौर प्रशासक काम संभाला। वर्तमान में कई सड़कों का काम अभी भी अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हांसी नगर परिषद चेयरमैन के लिए पंचकूला में ड्रॉ निकाला गया था, जिसमें हांसी को सामान्य वर्ग में रखा गया है। वहीं इस सीट पर कोई भी उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है।
अप्रैल में हो सकते हैं चुनाव
सरकार नगर परिषद चुनाव की तैयारी में लगी है और अप्रैल में चुनाव करवाने की पूरी संभावना है, क्योंकि अब हांसी सीट भी ओपन कर दी है और पार्टी के आदेश पर ही हम कार्य करेंगे। हमने अपने शहर में विकास कार्य अच्छी प्रकार से करवाए हैं और आगे भी भाजपा का ही चेयरमैन बनेगा।
- विनोद भयाना, विधायक, हांसी।