गांव मुकलान के अशोक कुमार ने यूपीएससी की इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम (ईएसई) में देशभर में चौथी रैंक हासिल की है। उन्हें सेंट्रल पावर इंजीनियरिंग सर्विस में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर नियुक्ति मिलेगी। अशोक कुमार ने इसी एग्जाम में पिछले साल दसवीं रैंक हासिल की थी, तब उन्हें मनपसंद विभाग नहीं मिला तो दोबारा से परीक्षा दी थी। अशोक कुमार फिलहाल यूपी के गौरखपुर में बीएंडआर के एसडीओ के पद पर कार्यरत हैं।
अशोक कुमार ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व शिक्षकों को दिया। साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाले अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने गांव के सरकारी स्कूल में ही दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। 12वीं कक्षा उन्होंने सरसौद के सनराइज स्कूल से पास की। इसके बाद वर्ष 2019 में फरीदाबाद स्थित वाईएमसीए कॉलेज से मैकेनिकल में इंजीनियरिंग की डिग्री ली। उनके पिता उन्हें प्रशासनिक सेवा के लिए प्रेरित करते थे। शुरुआत में गांव किरमारा में अपनी मौसी के घर रहकर तैयारी की थी। वर्ष 2020 भाभा ऑटोमिक रिसर्च सेंटर में साइंटिस्ट की जॉब लग गई थी। उनका लक्ष्य पावर इंजीनियरिंग में जाने का था। इस दौरान तैयारी के लिए समय कम मिलता था तो उन्होंने साइंटिस्ट की नौकरी छोड़कर पीडब्ल्यूडी में एसडीओ की नौकरी ज्वाइन की।
छुट्टी के दिन 16 घंटे तक करते थे पढ़ाई
अशोक ने बताया कि एग्जाम को क्रेक करने के लिए वे सुबह 4 बजे पढ़ाई शुरू कर देते थे। बाद में जब प्री व मेन एग्जाम दिया तो इस दौरान छुट्टी के दिन 16 घंटे पढ़ाई करते थे। ड्यूटी से आने के भी पढ़ते थे। अशोक कुमार ने बताया कि उनके पिता मांगेराम बैंदा खेतीबाड़ी के साथ आटा चक्की चलाते थे। मां कलावती गृहिणी हैं। छोटा भाई विनोद व बहन रीतू पढ़ाई कर रहे हैं।