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#Ladengecoronase: पर्वतारोही शिवांगी ने दस दिन में दी कोरोना को मात, अब फतेह करेंगी माउंट ल्होत्से

Tue, 11 May 2021 12:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)

सार

शिवांगी के फेफड़ों में पानी भर गया था। टेस्ट में कोरोना संक्रमण की भी पुष्टि हुई। 20 अप्रैल को शिवांगी को होटल में आइसोलेट कर दिया गया।
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पर्वतारोही शिवांगी पाठक। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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ऊंचे मनोबल से कोरोना जैसी घातक बीमारियों को भी को हराया जा सकता है। यह बात हिसार की बेटी पर्वतारोही शिवांगी पाठक पर सटीक बैठती है। शिवांगी माउंट ल्होत्से की चढ़ाई के दौरान कोरोना संक्रमित हो गईं। उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम रह गया था, लेकिन मजबूत इच्छा शक्ति के दम पर वह 10 दिन में ही स्वस्थ हो गईं। अब उन्होंने फिर से चढ़ाई शुरू कर दी है।

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शिवांगी पाठक ने 9 अप्रैल को माउंट ल्होत्से की चढ़ाई शुरू की। 15 अप्रैल को वह लोबुचे पहुंच गईं, जोकि बेस कैंप से एक कैंप नीचे है। शिवांगी एक रात वहीं रुक गई। अगले दिन बेस कैंप से नीचे गोरख शेप पहुंचकर उन्होंने अपनी मां आरती पाठक को फोन किया और कहा कि मम्मी मेरी तबीयत खराब हो रही है। बुखार नहीं उतर रहा है और खाना भी नहीं पच रहा है। इसके बाद जैसे-तैसे वह बेस कैंप पहुंची, जो 5364 मीटर की ऊंचाई पर है। एक रात वहां रुकी, लेकिन शिवांगी की हालत काफी खराब हो गई तो एजेंसी वालों का शिवांगी की मां आरती पाठक के पास फोन आया और कहा कि शिवांगी का रेस्क्यू करना पड़ेगा। 


19 अप्रैल को सुबह 11 बजे शिवांगी का रेस्क्यू कर काठमांडू के अस्पताल में लाया गया। शिवांगी का ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया था। फेफड़ों में पानी भर गया था। टेस्ट में कोरोना संक्रमण की भी पुष्टि हुई। 20 अप्रैल को शिवांगी को होटल में आइसोलेट कर दिया गया। शिवांगी की माता ने बताया कि बेटी ने स्वच्छ भोजन, योग और सकारात्मक सोच से महज 10 दिन में कोरोना को हराकर दोबारा से मिशन शुरू किया।

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20 अप्रैल को बेटी के पास पहुंचे माता-पिता

20 अप्रैल को शिवांगी के पिता राजेश पाठक और मां आरती पाठक बेटी से मिलने शाम सात बजे काठमांडू पहुंचे। आरती ने बताया कि इस दौरान शिवांगी शारीरिक रूप से बहुत कमजोर थी, लेकिन मानसिक रूप से पहाड़ों जितनी शक्तिशाली लग रही थी।

आयुर्वेद चिकित्सा से चौथे दिन तबीयत में आया सुधार
आरती पाठक ने बताया कि शिवांगी की हिम्मत और जज्बे को देखते हुए आयुर्वेद चिकित्सा की शुरुआत कर उसको एक होटल में ही आइसोलेट किया गया। इस दौरान शिवांगी को काढ़ा दिया गया और ट्रीटमेंट शुरू कर दिया। तीन दिन तक शिवांगी की तबीयत खराब रही, लेकिन चौथे दिन उसकी तबीयत में सुधार आना शुरू हो गया।

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अब शिवांगी कैंप टू के लिए निकल चुकी

शिवांगी की तबीयत बिगड़ने पर उसके माता-पिता उसे अपने साथ घर ला रहे थे, लेकिन शिवांगी की हिम्मत और दृढ़ निश्चय ने माता-पिता को मजबूर कर दिया। 29 अप्रैल तक वह बिल्कुल ठीक हो गई। दोबारा से जांच में पता चला कि उसके फेफड़ों का इंफेक्शन भी खत्म हो गया और कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई। उसके बाद एजेंसी 8 के एक्सपीडिशन और पायोनियर के सदस्य लापता दाई, पेंबा दाई, निवेश भाई ने शिवांगी को हिम्मत दी और कहा कि तुम ठीक हो। हम तुम्हें दोबारा से माउंट ल्होत्से को फतेह करवाने के लिए ले जाएंगे। 

आरती पाठक ने बताया कि बेटी दोबारा से 8 मई को बेस कैंप पहुंच चुकी है और अब वह कैंप टू के लिए निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि शिवांगी 25 मई तक माउंट ल्होत्से, जोकि विश्व की चौथी सबसे ऊंची चोटी है और उसकी ऊंचाई 8516 मीटर है, पर तिरंगा फहराएगी।
 
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