पश्चिमी बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवातीय परिसंचरण के कम दबाव के क्षेत्र में बदलने से मानसून एक बार फिर से रफ्तार पकड़ेगा। इसके असर से हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। उधर, रविवार को भी प्रदेश में बिखराव वाली बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार एक और नया चक्रवातीय परिसंचरण तंत्र बंगाल की खाड़ी और आसपास के पश्चिमी बंगाल क्षेत्र के ऊपर बना हुआ है, जो कि पांच जुलाई को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावनाएं बन रही है। साथ ही साथ एक टर्फ रेखा पंजाब, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली से होती हुई उत्तर प्रदेश, बिहार बंगाल की खाड़ी तक बनेगी।
इस तंत्र के प्रभाव से 5 से15 जुलाई के बीच हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में में एक और नया बारिश का दौर शुरू होगा। अगले सप्ताह प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। इसके अलावा कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावनाएं बन रही हैं। इसकी वजह से संपूर्ण इलाके पर भारतीय मौसम विभाग ने येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रदेश में हुई बारिश के आंकड़े
- अंबाला-13.7
- हिसार-2.0
- नारनौल महेंद्रगढ़-22.0
- फतेहाबाद-18.5
- पंचकूला-45.0
- कौल कैथल-6.0
- नूंह-5.5
नोट : ये आंकड़े शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे से रविवार सुबह साढ़े 8 बजे तक के हैं।