हरियाणा के भिवानी में मोरका गांव के पास मिठ्ठी माइनर बुर्जी न. 56 के टूटने से करीब छह एकड़ गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो गई।
पीड़ित किसानों ने बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग की है। यह माइनर एक माह में तीसरी बार टूटी है। किसानों का कहना है कि नहर की सफाई न होने के कारण यह बार-बार टूट जाती है।
किसानों ने प्रशासन और सरकार से नहर की सफाई करने की मांग की है।
पीड़ित किसान रणधीर लाखलाण ने बताया कि माइनर टूटने से उसके खेत में खड़ी छह एकड़ गेहूं और सरसों की फसल बर्बाद हो चुकी है।
किसान नेता रामचंद्र फौजी ने बताया कि नहरों की छंटाई न होने से बार-बार नहरें टूट रही हैं और किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं।
बार-बार विभाग के अधिकारियों से फरियाद की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने कहा कि इस बार भी उन्होंने रबी की फसल पर काफी पैसा खर्च किया था लेकिन सारी मेहनत पर पानी फिर गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अखिल भारतीय किसान सभा ने कहा है कि अगर सरकार ने प्रभावित किसानों को अविलंब मुआवजा नहीं दिया तो किसान सभा आंदोलन करेगी।
नहर विभाग के बेलदार सूरजभान ने बताया कि मरम्मत नहीं होने से माइनर जर्जर हो चुकी है। कई बार अधिकारियों को सूचित किया गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।