फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: हरियाणा को जल सुरक्षित राज्य बनाने के लिए मंत्री रणबीर गंगवा ने केंद्र से मांगा विशेष पैकेज

विज्ञापन
उदयपुर में मंच पर मौजूद कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा। 
विज्ञापन
हिसार। हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि हरियाणा प्रदेश जल सुरक्षित राज्य के लक्ष्य को 2047 से पहले पूरा करेगा। इसके लिए हरियाणा में रेनीवेल, जल जीवन मिशन, अमृत योजना के अलावा नहर आधारित पेयजल परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। जनस्वास्थ्य मंत्री ने हरियाणा को जल सुरक्षित राज्य बनाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए केंंद्र सरकार से विशेष पैकेज दिए जाने की मांग की है।
विज्ञापन

मंत्री गंगवा ‘जल सुरक्षित राष्ट्र’ विषय पर उदयपुर (राजस्थान) में आयोजित कॉन्फ्रेंस को बुधवार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा में नहर आधारित योजनाओं को और सुदृढ़ किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में जल घरों में पानी की कमी है उनको नहरों के ऊपरी छोर पर स्थानांतरित करना प्रक्रिया में है। इन परियोजनाओं के लिए नाबार्ड की क्षमता का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से हरियाणा को जल सुरक्षित राज्य बनाने के लिए विशेष पैकेज दिए जाने की मांग की। हरियाणा सरकार ने यमुना नदी से रेनीवेल परियोजना के माध्यम से 216 गांवों को स्थायी आधार पर पीने का पानी उपलब्ध कराया है।
मेवात क्षेत्र के गांवों को रेनीवेल योजनाओं के दायरे में लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। भूजल के अत्यधिक दोहन से उत्पन्न खतरे से निपटने के लिए हरियाणा सरकार सकारात्मक कदम उठाते हुए आगे बढ़ रही है। हरियाणा में 2137.00 एमएलडी की कुल क्षमता वाले 177 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट हैं, जिनमें से 1487.12 एमएलडी उपचारित अपशिष्ट जल उत्पन्न किया जा रहा है। दिसंबर 2025 तक यह मात्रा 1000 एमएलडी से अधिक करने का प्रयास है। दिसंबर 2028 तक हरियाणा राज्य में 100 प्रतिशत उपचारित अपशिष्ट जल का पुन: प्रयोग करने की हमें पूरी उम्मीद है।
विज्ञापन

शहरों में पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए राज्य जल कार्य योजना-2 के दायरे में 44 और शहरों को किया शामिल
उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के तहत हमने शहरों में पीने के पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए राज्य जल कार्य योजना-2 के दायरे में 44 और शहरों को शामिल किया है। इन शहरों के लिए परियोजनाओं में गैर-राजस्व जल की समस्या को दूर करने का प्रावधान शामिल है। हरियाणा प्रदेश में जिला मीटरिंग क्षेत्र बनाकर और बल्क/फ्लो मीटर लगाकर गैर-राजस्व जल की मात्रा का आकलन करने और नुकसान को कम करने के लिए उपयुक्त उपाय करने का प्रस्ताव है, जो मुख्य रूप से वितरण प्रणालियों में रिसाव और पानी की चोरी के कारण होता है। अमृत 2.0 के एसडब्ल्यूएपी-1 के तहत स्वीकृत इन 44 शहरों में पांच सितारा रेटिंग के साथ ऊर्जा कुशल पंपिंग उपकरण लगाने प्रस्तावित हैं। इससे ऊर्जा लागत में कमी आएगी। साथ ही वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें