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बढ़ा डर: हरियाणा में लगा वीकेंड लॉकडाउन, घर लौटने लगे प्रवासी, कहा-इस बार रिस्क नहीं लेंगे 

Sat, 01 May 2021 01:38 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)

सार

हिसार  में दो दिन के लॉकडाउन के पहले दिन शनिवार को बाजारों में सन्नाटा था। सड़कों पर भी चुनिंदा वाहनों का ही आवागमन था। शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाले ऑटो भी बंद थे।
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हिसार से घर जाने के लिए निकले प्रवासी मजदूर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के नौ जिलों में सरकार ने वीकेंड लॉकडाउन लगाया है। इसने प्रवासी मजदूरों के डर को बढ़ा दिया है। इसके बाद प्रवासी अपना सामान लेकर घर लौटने लगे हैं। उन्हें डर है कि कहीं संपूर्ण लॉकडाउन न लग जाए। हिसार में शाम 4.20 बजे की ट्रेन के लिए दोपहर 12 बजे ही प्रवासी मजदूर स्टेशन पर पहुंचने लगे। कुछ यात्री बिना बुकिंग कराए ही स्टेशन पहुंचे लेकिन उन्हें निराश लौटना पड़ा।

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हिसार  में दो दिन के लॉकडाउन के पहले दिन शनिवार को बाजारों में सन्नाटा था। सड़कों पर भी चुनिंदा वाहनों का ही आवागमन था। शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाले ऑटो भी बंद थे। ऐसे में यात्रियों को अपनी मंजिल के लिए पैदल ही निकलना पड़ा। पारिजात चौक के पास काफी संख्या में प्रवासी रेलवे स्टेशन की ओर पैदल जाते दिखे। 


बिहार जिले के सीवान क्षेत्र निवासी प्रविंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने दस दिन पहले ही ट्रेन में अपने पूरे परिवार की टिकट बुक करा ली थी। उन्होंने कहा कि संपूर्ण लॉकडाउन से पहले ही अपने घर पहुंचना चाहते हैं। पिछली बार दो महीने तक यहां फसे रहे थे। खाने का भी संकट हो गया था। कई दिन सामाजिक संगठनों से मिलने वाले भोजन के सहारे काटे थे। इस बार कोई रिस्क नहीं लेंगे। 
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बिहार के जिला बस्ती के रामशरण दुबे भी सिर पर बैग रखे हुए पैदल जा रहे थे। उन्होंने बताया कि लोहे की पेंच बनाने वाली उनकी फैक्टरी बंद हो गई है। अब एक से डेढ़ महीने बाद ही लौटेंगे। किसी परिचित के माध्यम से गोरखपुर धाम का टिकट बनवाया हुआ है।

यूपी के झांसी जिला के रहने वाले गोपाल सहाय ने बताया कि वह दिल्ली तक रोडवेज बस से पहुंचेंगे। इसके बाद वहां से किसी ट्रेन में टिकट का जुगाड़ करके अपने घर तक जाएंगे। उन्होंने बताया कि वे भवन निर्माण मिस्त्री हैं। पिछले दस दिन से काम नहीं मिल रहा।

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