हिसार। विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ते इस शहर का रुआब औद्योगिक क्षेत्र में अलग ही पहचान बनता जा रहा है। हवा से बातें करते इस शहर में ढांचागत, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। अयोध्या, दिल्ली और चंडीगढ़ से हवाई सेवा से जुड़ा यह शहर देश व दुनिया से जुड़े तो उद्योगों को पंख लगेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए हवाई सेवा का शुभारंभ किया। इसके बाद 9 जून को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ के लिए हवाई सेवा को हरी झंडी दिखाई। अब अहमदाबाद, सूरत, मुंबई, बंगलूरू, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद व कोलकाता जैसे शहरों से जोड़ने की मांग उठ रही है। इन शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू हो जाए तो व्यापारियों को काफी फायदा होगा।
एयरपोर्ट पर बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का टर्मिनल
तीसरे चरण के कार्य में एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का टर्मिनल बनाया जाना प्रस्तावित है। पीएम मोदी इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं। इसके निर्माण पर करीब 413 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इस टर्मिनल की क्षमता 21 लाख यात्री प्रति वर्ष होगी। यह टर्मिनल 17 अप्रैल 2027 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें एक पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग, एक कार्गो टर्मिनल बिल्डिंग और एक एयर ट्रैफिक कंट्रोल का निर्माण किया जाएगा। यह शंख आकार में बनाया जाएगा।
इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर
एयरपोर्ट के पास 3 हजार एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) तैयार किया जाएगा। इसमें से 1300 एकड़ जमीन पर वर्ल्ड पोर्ट, मेगा कार्गो पोर्ट व ड्राई पोर्ट स्थापित किया जाएगा। यह क्लस्टर डिफेंस और एयरोस्पेस केंद्रित होगा। इसमें विश्व की बड़ी कंपनियों को उद्योग स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। आईएमसी के लिए हरियाणा सरकार व एनआईसीडीसी (नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) में समझौता भी हो चुका है। इसमें 51 प्रतिशत शेयर हरियाणा सरकार व 49 प्रतिशत शेयर एनआईसीडीसी का होगा।
स्टेनलेस स्टील, धागा निर्यात से छाया शहर
हिसार में बने स्टेनलेस स्टील की देश में नहीं, विदेशों में भी भारी मांग है। स्टील के अलावा सूती धागा व दवाएं भी बहुतायत में निर्यात की जाती है। वित्त वर्ष 2024-25 में 380.7 करोड़ रुपये का सामान विदेशों में भेजा गया। जिले में 3 बड़ी व 11 एमएसएमई इकाइयां ऐसी हैं, जो अपने उत्पादों को निर्यात करती हैं। इनसे सूती धागा, एचआरएपी क्वाइल, एचआरएसएस क्वाइल, सीआरएसएस, एचआरएसएस प्लेट, एपी क्वाइल, सीआर शीट, ब्लेट शीट, क्वाइन ब्लैंक, इंजेक्शन, आई ड्रॉप, बटन, कॉल्ड रोल्ड स्ट्रीप्स ऑफ स्टेनलेस स्टील का निर्यात होता है।
14 इकाइयां निर्यात से जुड़ीं
जिले की 14 इकाइयां प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सामान निर्यात करती हैं। इनमें 3 बड़ी और 11 मध्यम व लघु इकाइयां हैं। बड़ी इकाइयों में डीसीएम टैक्सटाइल, जिंदल इंडस्ट्रीज व जिंदल स्टेनलेस लिमिटेड है। वहीं मध्यम व लघु इकाइयों में रीगेन लैबोरेटरी, हिसार मेटल इंडस्ट्री, क्वालिटी फॉयल्स प्राइवेट लिमिटेड, क्वालिटी स्टेनलेस प्राइवेट लिमिटेड, रावलवासिया इस्पात उद्योग प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल हैं। जिले में करीब 14 हजार मध्यम, लघु व सूक्ष्म इकाइयां हैं, जिनसे करीब 2 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
क्या कहते हैं उद्यमी
निर्यात करने वाली इकाइयों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। आने वाले समय में एयरपोर्ट पर कार्गो का निर्माण प्रस्तावित है। इससे औद्योगिक इकाइयों को अपना माल बाहर भेजने में आसानी होगी। माल निर्यात करने वाली इकाइयों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। - मदनलाल, प्रधान, द हिसार स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।
आने वाले समय में एयरपोर्ट के पास काई बड़ी औद्योगिक इकाइयां स्थापित होंगी। इनके सहारे कई छोटे उद्योग धंधे भी लगेंगे। कुल मिलाकर उद्योगों के लिहाज से शहर में विकास की अपार संभावनाएं हैं। - कपिल गोयल, कोषाध्यक्ष, हिसार उद्योग संघ।
अभी गिनी-चुनी बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। हालांकि पिछले कुछ समय में की नए छोटे उद्योग धंधे स्थापित हुए हैं। आने वाले समय में बड़े उद्योग स्थापित होंगे। - रणधीर गुप्ता, सचिव, हिसार उद्योग संघ।
शहर में स्टील के अलावा अन्य उद्योग धंधे भी स्थापित हो रहे हैं। चूंकि अब यहां एयरपोर्ट शुरू हो चुका है और इसके पास ही आने वाले दिनों में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने की योजना है, जो उद्योगों के विकास के लिहाज बड़ा कदम साबित होगा
- दुष्यंत त्यागी, उद्योगपति।
हिसार एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। धीरे-धीरे नए शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू की जा रही हैं। अगर औद्योगिक नगरों के लिए हवाई सेवाएं शुरू की जाए तो उद्योगपतियों का काफी फायदा होगा। - विवेक मित्तल, उद्योगपति।
हिसार एयरपोर्ट से औद्योगिक शहर अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता आदि के लिए हवाई सेवाएं शुरू की जाए। इन शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू होने से आवागमन आसान होगा। - कृष्ण लोहिया, पूर्व प्रधान, द हिसार स्माॅल स्केल इंडस्ट्री एसोसिएशन।
हिसार एयरपोर्ट उद्योगों के लिहाज से आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। यहां से देश के बड़े शहरों के लिए हवाई सेवाएं शुरू की जाए ताकि उद्योगपतियों का इसका लाभ मिल सके। - संजय गोयल, पदाधिकारी, लघु उद्योग भारती संघ।
आंकड़े
- वित्त वर्ष 2024-25 में जिले से 380 करोड़ रुपये का सामान हुआ निर्यात
- जिले में संचालित हैं निर्यात करने वाली 3 बड़ी व 11 एमएसएमई इकाइयां