हिसार। अर्बन एस्टेट में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा के आवास के पास पिछले करीब पांच महीने से बरसाती नाले का निर्माण धीमी गति से चल रहा है। सड़क पर अधूरे निर्माण के कारण दिनभर धूल-मिट्टी के गुबार उड़ते हैं।
इससे आसपास की दुकानों में सामान पर मिट्टी की परत जम रही है और बाजार की रौनक फीकी पड़ गई है। दुकानदारों को बार-बार सफाई करनी पड़ रही है, जबकि सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्राहक भी यहां आने से बच रहे हैं। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
बिक्री घटने से कई दुकानदारों के लिए किराया, बिजली बिल और अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। कुछ दुकानदार अपनी दुकानें दूसरी जगह स्थानांतरित कर चुके हैं जबकि कुछ ने दुकान खोलने का समय कम कर दिया है।
सुबह दुकान खोलते ही शुरू हो जाती है परेशानी
दुकानदारों के अनुसार, सुबह दुकान खोलने के साथ ही धूल-मिट्टी की समस्या शुरू हो जाती है। सड़क से गुजरने वाले वाहनों के कारण मिट्टी दुकानों के अंदर तक पहुंचती है। हवा चलने पर परेशानी और बढ़ जाती है। सामान, फर्नीचर और अन्य वस्तुओं पर धूल जम जाती है। बार-बार सफाई करने के बावजूद कुछ ही देर में स्थिति पहले जैसी हो जाती है। दूसरी ओर, दुकान का किराया, बिजली बिल और सामान खरीदने जैसे खर्च लगातार बने हुए हैं, जबकि आमदनी घट गई है। दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय तक निर्माण कार्य अधूरा रहने से छोटे कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
त्योहारी सीजन से पहले काम पूरा होने की उम्मीद
नवरात्र के बाद दशहरा, धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों के चलते बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। दुकानदारों के लिए यह अवधि सालाना कारोबार के लिहाज से अहम होती है। हालांकि, सड़क की मौजूदा स्थिति के कारण उन्हें आशंका है कि ग्राहक खरीदारी के लिए इस क्षेत्र में आने से बच सकते हैं। इससे त्योहारी सीजन में कारोबार बढ़ने के बजाय और प्रभावित हो सकता है। दुकानदारों ने नवरात्र से पहले निर्माण कार्य में तेजी लाने और धनतेरस या दीपावली तक सड़क को सामान्य करने की मांग की है।
करीब पांच महीने से चल रहे निर्माण कार्य के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। पहले ग्राहक आसानी से दुकानों तक पहुंचते थे, लेकिन अब सड़क की स्थिति देखकर कई लोग इस रास्ते से आने से बचते हैं। दिनभर उड़ती धूल के कारण दुकान में बैठना भी मुश्किल हो गया है। बिक्री घटने से दुकान का खर्च निकालना चुनौती बनता जा रहा है।
- संदीप, दुकानदार।
निर्माण कार्य शुरू होने से पहले क्षेत्र में ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहती थी। अब सड़क पर मिट्टी और निर्माण सामग्री पड़ी होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। धूल के कारण ग्राहक ज्यादा देर रुकना भी पसंद नहीं करते। इससे दुकानदारों की बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है।
- मनीष, दुकानदार।
निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण कुछ दुकानदार अपनी दुकानें दूसरी जगह स्थानांतरित कर चुके हैं। वहीं, कुछ दुकानदार पहले की तुलना में कम समय के लिए दुकान खोल रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि पांच महीने का समय काफी लंबा है। काम तेजी से होता तो अब तक सड़क की स्थिति सामान्य हो सकती थी।
- सुभाष, दुकानदार।
निर्माण कार्य का असर दुकानों तक सीमित नहीं है। आसपास के घरों में भी दिनभर धूल-मिट्टी पहुंच रही है। लोगों को दरवाजे और खिड़कियां बंद रखनी पड़ती हैं। सड़क से गुजरने वाले वाहनों के कारण उड़ने वाली मिट्टी घरों के अंदर और बाहर तक पहुंच रही है। इससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी होने लगी हैं।
- अमित, दुकानदार।
बरसाती पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना को पूरा करने की अवधि एक साल है, जिसमें से करीब पांच महीने अभी बाकी हैं। हालांकि, सांसद कुमारी सैलजा की कोठी की तरफ का काम करीब एक सप्ताह में पूरा हो जाएगा।
- अंकुर चौहान, जेई, नगर निगम।