गांव तलवंडी बादशाहपुर में एक डाकिए द्वारा समय पर डाक न पहुंचाए जाने पर दो सगे भाइयों ने मिलकर उसकी टांग तोड़ डाली।
डाकिया डाक घर पर न पहुंचाने की बजाए उसे बार-बार फोन कर खुद ले जाने की बात कह रहा था। गुस्साए युवकों ने मौके पर ही पहुंचकर उस पर डंडों से हमला कर दिया।
डाकिए की बाईं टांग टूट गई और सिर पर गहरी चोेट आई है। डाकिए कुलभूषण ने पुलिस में दी शिकायत के अनुसार बताया कि वह मूलरूप से रोहतक के गांव खरक बैंसी का रहने वाला है।
उसका कहना है कि पिछले काफी सालों से वह तलवंडी रुक्का के डाकखाने में तैनात है। शुक्रवार देर रात उसके पास गांव तलवंडी बादशाहपुर निवासी विक्रम के नाम पार्सल डाक आई। इस पार्सल में कुछ दवाई थीं।
डाकिए ने देर शाम पार्सल पर लिखे विक्रम के नंबर पर फोन कर उसे सूचना दी। शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे वह गांव में डाक बांटने के लिए गया हुआ था।
आरोप है कि विक्रम का फोन आया कि उसका पार्सल क्यों नहीं पहुंचाया। डाकिए ने कहा डाक बांट रहा हूं, आपकी भी जल्दी ही पहुंच जाएगी।
डाकिए का आरोप है कि विक्रम ने जवाब में कहा कि जहां भी है, तूं वहीं रुक, हम खुद लेने आ रहे हैं। कुछ समय बाद ही विक्रम और उसका भाई बाइक पर सवार होकर आए और डंडों से उस पर हमला बोल दिया।
हमले में कुलभूषण की बाईं टांग टूट गई और सिर में चोट आई है। अन्य ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया।