हिसार। लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है, जहां पशु वैज्ञानिक/अधिकारी या पशुओं का डॉक्टर बनने की पढ़ाई होती है। वर्ष 2015 में लुवास के वैज्ञानिकों हरधेनू गाय की नस्ल विकसित करने में कामयाबी हासिल की। इस संस्थान की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी। इससे पहले वेटरनरी कॉलेज एचएयू का हिस्सा था। हालांकि सन 1970 में वेटरनरी कॉलेज को ही एचएयू विश्वविद्यालय बनाया गया था। वर्ष 2010 में इस कॉलेज को फिर से अलग कर वेटरनरी का प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बना दिया गया। फिलहाल एचएयू कैंपस स्थित विवि का नया कैंपस बरवाला रोड पर 1100 एकड़ में बन रहा है।
इस विश्वविद्यालय में तीन कॉलेज हैं, जिनमें कॉलेज ऑफ वेटरिनरी साइंस, कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी और इंस्टिट्यूट ऑफ पेरा वेटरिनरी साइंस शामिल हैं। वेटरनरी का विवि से संबंद्ध एक निजी संस्थान इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी एंड रिसर्च रोहतक के बहु अकबरपुर में स्थित है।
विवि की उपलब्धि
2015 में लुवास के वैज्ञानिकों हरधेनू गाय की नस्ल विकसित करने में कामयाबी हासिल की। लुवास के वैज्ञानिकों के मुताबिक हरधेनू गाय को हरियाणा के मौसम के अनुसार ही तैयार किया है। गर्मी, सर्दी, बारिश और 48 डिग्री तापमान में भी यह गाय अपने आपको मौसम के अनुरूप ढाल लेती है। यह गाय एक दिन में साढ़े 38 लीटर तक दूध दे सकती है। इस गाय को क्रॉस ब्रिड करके तैयार किया गया था। इसमें 62.5 प्रतिशत नॉर्थ अमेरिका की गाय होलिस्टियन फ्रीजन नस्ल और 37.5 प्रतिशत हरियाणा की नस्ल है। इस 37.5 प्रतिशत में 27 प्रतिशत हरियाणा की साहीवाल नस्ल का है।
दो स्नातक कोर्स, दो डिप्लोमा कोर्स
विवि में स्नातक स्तर पर दो कोर्सों बीवीएससी यानी बैचलर इन वेटरनरी साइंस और बीटेक इन डेयरी साइंस में दाखिला लिया जा सकता है। बीवीएससी कोर्स में दाखिले नीट की परीक्षा के आधार पर बनी मेरिट के आधार पर होते हैं, जबकि बीटेक में दाखिले के लिए विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा लेता है। इसके अलावा विवि में दो डिप्लोमा कोर्स भी हैं। इनमें से वीएलडीडी यानी वेटरनरी एंड लाइवस्टोक डेवलपमेंट डिप्लोमा के लिए विवि प्रवेश परीक्षा लेता है, जबकि डीवीएलटी यानी डिप्लोमा इन वेटरनरी एंड लाइवस्टोक टेक्नोलॉजी में प्रवेश नीट की परीक्षा के आधार पर होता है।
कोर्स, सीटें व योग्यता
बीवीएससी - हरियाणा निवासियों के लिए 60 सीटें, वेटरिनरी काउंसिल ऑफ इंडिया (वीसीआई) के लिए 12 सीटें। बहुअकबरपुर कॉलेज में स्टेट कोटे के लिए 28 सीटें, वीसीआई के लिए 12 और मैनेजमेंट कोटे के लिए 40 सीटें।
बीटेक इन डेयरी साइंस - हरियाणा निवासियों के लिए 26 सीटें, 1 सीट कश्मीरी माइग्रेंट और 1 सीट जेएंडके रेजीडेंट के लिए। मेडिकल/नॉन मेडिकल संकायों से 12वीं में 50 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले इस कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे।
वीएलडीडी - हरियाणा निवासियों के लिए 70 सीटें, प्रदेश के पशुपालन विभाग में कार्यरतों के लिए 6 सीट, कश्मीरी माइग्रेंटस के लिए 3, जेएंडके रेसीडेंट के लिए 3, जीएनसीटी दिल्ली के लिए 4, लुवास में कार्यरतों के लिए 2 सीट, एसएसबी उम्मीदवारों की 4 और महेंद्रगढ़ के रिवासा निवासियों के लिए 1 सीट। किसी भी संकाय से 12वीं पास और 10वीं में 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य। दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा होगी।
डीवीएलटी - हरियाणा निवासियों के लिए 20 सीटें, कश्मीरी माइग्रेंटस के लिए 1 सीट, जेएंडके रेजीडेंट के लिए 1 सीट, लुवास में कार्यरतों के लिए 2 सीट। दाखिले नीट के आधार पर।
कोविड के कारण दाखिला प्रक्रिया में देरी होगी। नीट की परीक्षा होना भी अभी बाकी है और 12वीं का परीक्षा परिणाम नहीं आया है। ऐसे में अगले सप्ताह बैठक कर आगामी सत्र के दाखिलों की प्रक्रिया के संबंद्ध में कोई फैसला लेंगे। किसी भी तरह की सूचना के लिए विद्यार्थी समय-समय पर वेबसाइट देखते रहें।
- प्रो. गुरदियाल सिंह, कुलपति, लुवास