हिसार। गांव राजली में पति की हत्या कर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ खत्री की अदालत ने मंगलवार को दोषी पत्नी सुमन उर्फ निर्मल, उसकी बहन कमलेश और गांव राजली निवासी युवक गुरमीत को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बरवाला थाना पुलिस को गांव राजली निवासी उदयबीर ने शिकायत दी थी कि 13-14 मार्च 2020 की रात नरेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे फांसी लगाकर आत्महत्या का मामला माना गया और ग्रामीणों व परिजनों की मौजूदगी में बिना पोस्टमार्टम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था।
कुछ समय बाद मृतक के परिजनों को घटना की परिस्थितियों और परिवार के सदस्यों के व्यवहार पर संदेह हुआ। उन्होंने अपने स्तर पर पड़ताल की तो शक मृतक की पत्नी सुमन पर गया। आरोप है कि पूछताछ के दौरान गांव के गुरमीत ने पंचायत के समक्ष घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर सुमन, कमलेश और गुरमीत को गिरफ्तार कर लिया था।
परिजनों के अनुसार घटना के बाद सुमन और उसकी बहन कमलेश अपने मायके चली गई थीं। वहीं मृतक के 13 वर्षीय बेटे आर्यन ने बताया था कि घटना वाली रात उसने अपने पिता को फंदे से लटका देखा था जबकि उसकी मां और मौसी मौके पर मौजूद थीं। पूछने पर उसे धमकाकर दोबारा सोने के लिए कह दिया गया था।
परिजनों का आरोप था कि नरेश की पहले तकिये से मुंह दबाकर हत्या की गई और बाद में शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने 7 जुलाई को तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था।