हिसार में वन्य प्राणी विभाग की टीम ने रविवार को आठ घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर को पौने एक बजे तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया। उसके बाद टीम तेंदुए को लेकर वन्य प्राणी विभाग के कार्यालय पहुंची। यहां रोहतक के डॉ. अशोक खासा ने तेंदुए का चेकअप किया। इस दौरान तेंदुआ शारीरिक रूप से स्वस्थ मिला। वह जोर-जोर से दहाड़ मार रहा था।
तेंदुए को बेहोश करने के कुछ देर बाद उसे होश में लाने के लिए इंजेक्शन लगाया गया। उसके बाद तेंदुआ फिर से एक्टिव हो गया। कुछ समय तक तेंदुए को डियर पार्क में भी रखा गया। हालांकि यहां उसे खाने के लिए कुछ नहीं दिया गया। उसके बाद वन्य प्राणी विभाग की सात सदस्यीय टीम पूरे इंतजाम के साथ तेंदुए को लेकर कलेशर रवाना हो गई।
उप वन्य जीव निरीक्षक दिनेश जांगड़ा का कहना है कि तेंदुआ की खास बात है कि यह रात के समय में ही चलता है और बिना थके हुए एक बार में 40-50 किलोमीटर तक चल सकता है। यदि तेंदुआ एक बार अच्छी तरह शिकार कर ले तो वह चार दिन तक भूखा रह सकता है। कई बार तो एक सप्ताह भी भूखा रहकर निकाल देता है। तेंदुआ तेजी से बंदर और लंगूर का भी शिकार कर लेता है।
2018 में एयरपोर्ट के पास दिखाई दिया था तेंदुआ, डियर पार्क में किया था रेस्कयू
वर्ष 2018 में हिसार एयरपोर्ट के पास तेंदुआ दिखाई दिया था। उसके बाद तेंदुआ घूमते-घूमते बीड़ में आ गया। यहां से फिर डियर पार्क पहुंचा। यहां उसके पैरों के निशान दिखाई दिए। उसके बाद वन्य प्राणी विभाग की ओर से डियर पार्क में तेंदुए को पकड़ने के लिए 23 दिन तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। 24 वे दिन डियर पार्क से देर शाम को तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर उसे पकड़ा गया था। उसके भी टीम की ओर से तेंदुए को कलेशर में भेजा गया।
अधिकारी के अनुसार
तेंदुआ बहुत शक्तिशाली जानवर होता है और रात के समय में ही मूवमेंट करता है। यह कुत्तों पर भी हमला करता है। हिसार में तेंदुए के खेतों से आने की आशंका है। मगर लोगों की भीड़ के चलते तेंदुआ विचलित हो गया। हालांकि वह शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ मिला है।
- दिनेश जांगड़ा, उप वन्य जीव निरीक्षक