JNU Students in Mirchpur village's visit
गांव मिर्चपुर में दो पक्षों के झगड़े के बाद मिर्चपुर की वाल्मीकि बस्ती में जेएनयू के छात्र नेता पहुंचे और लोगों की पीड़ा सुनी। छात्रों ने एकजुट होकर दलित पीड़ितों से आंदोलन छेड़ने का आह्वान किया। छात्रों के अचानक पहुंचने और आंदोलन का आह्वान करने पर प्रशासन और पुलिस चौकन्नी हो गई। इसको लेकर प्रशासन जेएनयू के छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना रहा है। वहीं दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि वो सोमवार से गांव में ही धरने पर बैठकर उनके साथ लगातार हो रही पुलिस सख्ती का विरोध करेंगे। उनकी अपील है कि नामजद युवाओं की जांच करके ही पुलिस गिरफ्तारी करे। दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने कहा है कि हमने अभी तक सात युवाओं को पुलिस को सौंपा है। अब किसी भी युवक को नहीं सौंपेंगे। यदि पुलिस ने गिरफ्तार किया तो डटकर विरोध करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के झगड़े को जातीय रंग दिया जा रहा है। ऐसा करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज हो। इसको लेकर सोमवार सुबह दस बजे ग्रामीण गांव के मुख्य बस स्टैंड पर एकत्रित होंगे और प्रशासन को ज्ञापन देंगे।
छात्रों ने कहा एकजुट होकर आंदोलन करो
मिर्चपुर कांड के एक सप्ताह बाद रविवार को दिल्ली की जेएनयू से छात्र नेता प्रदीप नरवाल, विजय व प्रदीप कुमार वाल्मीकि बस्ती में पहुंचे। उन्होंने युवाओं से बातचीत कर कहा कि हिसार के तंवर फार्म व गांव में जितने भी वाल्मीकि परिवार हैं सब एकजुट हो जाओ। एकजुट होकर ही सरकार के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाओ। सरकार के झूठे वादों पर यकीन न करके लिखित में सभी मांगे ली जाएं। पिछले सात सालों से आपकी जिंदगी नर्क हो गई है।
दावा : जेएनयू से सैकड़ों छात्र आने को तैयार
जेएनयू के छात्रों ने पीड़ितों से कहा कि आपके आंदोलन में जेएनयू से सैकड़ों छात्र आने के लिए तैयार हैं। जिस दिन आंदोलन शुरू हो जाएगा। सरकार उसी दिन झुक जाएगी और आपकी जो भी मांगे हैं उनको पूरा कर देगी। पिछले 7 साल के दौरान जो भी आपका नुकसान हुआ है उसका सरकार से एक एक पाई का भुगतान करवाया जाएगा, लेकिन उसके लिए एक बड़ा आंदोलन छेड़ना पड़ेगा। आंदोलन के लिए तंवर फार्म हाउस पर रह रहे 120 परिवार तैयार हैं।
ग्रामीणों की चेतावनी धर्म परिवर्तन कर छोड़ देंगे गांव
दूसरी तरफ ग्रामीणों ने भी सरकार व प्रशासन के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ने का मूड बना लिया है। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले काफी समय से उनको इतना तंग किया है कि अब उनका सब्र का बांध टूट चुका है। अब किसी भी बेकसूर युवक को जेल नहीं जाने दिया जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों ने पूरी रणनीति तय कर ली है और धर्म परिवर्तन कर गांव छोड़ सकते हैं।
यह बोले एसडीएम
इस संबंध में नारनौंद के एसडीएम प्रदीप अटकान ने बताया कि बस्ती में कुछ बाहरी लोग आकर माहौल खराब करना चाहते हैं, लेकिन उन लोगों की पहचान करके उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी और उनके संस्थान में नोटिस भी भेजा जाएगा।