हिसार/बालसमंद/आदमपुर। आईआईटी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे ने जेईई एडवांस 2022 का परिणाम घोषित कर दिया है। हिसार के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने बेहतरीन रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। हिसार जिले के सीसवाला गांव की अनामिका गोदारा ने 450वीं रैंक हासिल की है। परीक्षा में अनामिका ने 300 में से 196 अंक हासिल किए। इसके अलावा आकाश इंस्टीट्यूट के अर्णव कुमार सिन्हा ने 858वीं और आदमपुर के प्रियांशु गोयल ने 1450वीं रैंक प्राप्त की।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है अनामिका
अनामिका गोदारा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि उसने 11वीं कक्षा से ही जेईई की तैयारी शुरू कर दी थी। आकाश इंस्टीट्यूट से कोचिंग ली और एक दिन में 8 घंटे सेल्फ स्टडी की। मेरे पिता एक अध्यापक हैं, उन्हीं के मोटिवेशन के कारण मुझे मेरे कॅरिअर का मार्गदर्शन मिलता रहता है। अनामिका ने बताया कि वह मूल रूप से गांव सीसवाला की रहने वाली है और फ़िलहाल हिसार में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही है। अनामिका ने बताया कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है। छात्रा के पिता सुभाष ने बताया कि लगातार पढ़ाई करने के बाद मनोरंजन के लिए पेंटिंग बनाती थी। उसे बचपन से ही पेंटिंग का शौक रहा है।
आईएएस बन देश की सेवा करना चाहता प्रियांशु
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आदमपुर निवासी प्रियांशु गोयल ने जेईई एडवांस में 1450वीं रैंक पाई है। इससे पूर्व जेईई मेन्स में प्रियांशु ने 1410वीं रैंक पाई थी। जेईई एडवांस का परिणाम घोषित होते ही प्रियांशु के परिजन खुशी जाहिर की है। इससे पूर्व प्रियांशु ने सीबीएसई द्वारा घोषित 12वीं कक्षा की परीक्षा में गांव कालीरावण स्थित सुखराम मेमोरियल स्कूल से परीक्षा देते हुए नॉन मेडिकल संकाय से 94.2 प्रतिशत अंक पाए थे। प्रियांशु ने बताया कि उसका लक्ष्य इंजीनियरिंग करने के बाद आईएएस बनकर देश की सेवा करने का है। प्रियांशु के पिता संदीप गोयल दुकानदार है, जबकि माता प्रियंका गृहणी है। इसके अलावा एक छोटी बहन मन्नत भी है जो अभी स्कूली पढ़ाई कर रही है।
अर्णव कुमार सिन्हा ने हासिल की 858वीं रैंक
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हिसार के आकाश इंस्टीट्यूट के छात्र अर्णव कुमार सिन्हां ने जेईई एडवांस में 858वीं रैंक प्राप्त की है। आकाश बायजू के प्रबंध निदेशक आकाश चौधरी ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की की कामना की है। उन्होंने बताया कि देश भर से जेईई एडवांस 2022 के लिए कुल 155538 छात्र उपस्थित हुए, जिनमें से 40,712 ने क्वालीफाई किया है। उनकी उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ-साथ उनके माता-पिता के समर्थन को भी दर्शाती है।